मध्यप्रदेश के निवाड़ी इलाके के बोरवेल में गिरा चार साल का बच्चा, सेना मदद के लिए पहुचीं

मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले से एक चौका देना वाला मामला सामने आये है। चार साल का एक बच्चा 200 फिट गहरे बोरवेल में जा गिरा। सेना की मदद से बचाव कार्य जारी है।
मध्यप्रदेश के निवाड़ी इलाके के बोरवेल में गिरा चार साल का बच्चा, सेना मदद के लिए पहुचीं
A four-year-old child fell into a 200-fit deep borewellGoogle Image

मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है प्राप्त जानकारी के अनुसार निवाड़ी जिले के अंतर्गत आने वाले इलाके पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के गांव सेतपुरा में 3-4 वर्षीय बच्चे प्रह्लाद के बोरवेल में गिरने की घटना प्रकाश में आई है। मामले पर जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस और अग्निशमन विभाग के असफल होने पर सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है।

बोरवेल में गिरा बच्चा, मदद के लिए सेना बुलाई गई:

मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में एक बच्चे के बोरवेल में गिरने की घटना ने लोगों को भौचक्का कर दिया है। ज्ञात हो निवाड़ी के थाना पृथ्वीपुर क्षेत्र के गांव में नए बोरवेल होने के बाद सेफ्टी केसिंग कसने के पहले यह घटना हुई, करीब तीन से चार वर्ष की उम्र के बीच का बच्चा प्रहलाद खेलते-खेलते बोरवेल तक पहुंच गया और अचानक फिसलकर करीब 200 फिट गहरे बोरवेल में जा गिरा।

पहले तो परिजनों को बच्चे के बोरवेल में गिरने की घटना को नहीं पता चला लेकिन जब काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आया तो घर के आसपास खोजबीन शुरू की गई। बोरवेल के पास जाकर जानकारी मिली कि बोरवेल से रोने की आवाजें आ रही थी। जिसपर लोगों ने इस मामले पर जिला प्रशासन को सूचित किया।

मौके पर प्रशासनिक अमले के आने के बाद बोरवेल की गहराई इत्यादि के बारे में जानकारी जुटाई गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह बोरवेल 200 फिट गहरा है जिसमे करीब 100 फिट तक पानी का स्तर है।

पुलिस और अग्निशमन ने खड़े किए हाथ, सेना ने मदद के लिए बढ़ाया हाँथ:

मामले पर जब प्रशासन ने हाथ खड़े किए तो नजदीकी आर्मी कैंट बाबीना से सेना को मदद के लिए बुलाया गया। सेना ने युद्धस्तर पर मोर्चा संभाल लिया और तमामं उपकरणों की मदद से प्रह्लाद पर नजर रखनी शुरू कर दी, सेना ने बताया कि बच्चा रहरहकर रो रहा है। जिससे लोगों में यह भरोसा है कि बच्चा तकलीफ में तो है लेकिन जीवित है। सेना ने कैमरों की मदद से बच्चे की सही पोजिशन को समझकर बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

बोरवेल में पहुंचाई जा रही आक्सीजन:

बच्चे को बेहद गहराई में भी सांस लेने में कोई तकलीफ न हो यह सुनिश्चित करने के लिए बोरवेल की गहराई तक आक्सीजन पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। खुद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रह्लाद के सुरक्षित होने की कामना की है और राहत बचाव कार्य मे कोई अड़चन न आये उसके लिए निर्देश जारी किए है।

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उदय बुलेटिन
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