उदय बुलेटिन
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Madhya Pradesh Chief Minister Kamalnath
Madhya Pradesh Chief Minister Kamalnath|Social Media
म.प्र. बुलेटिन

मध्य प्रदेश में रोजगार-ही-रोजगार, कमलनाथ सरकार प्राइवेट सेक्टर में स्थानीय लोगों को देगी 70 फीसदी का आरक्षण 

मध्य प्रदेश के मानसून विधानसभा सत्र में कमलनाथ की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतने के बाद कमलनाथ सरकार बहुत तेजी से काम कर रही है। किसान कर्ज माफ़ी योजना हो या राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मसला, कमलनाथ सरकार हर मोर्चे पर डटकर काम कर रही हैं। अब रोजगार के क्षेत्र में काम करते हुए कमलनाथ सरकार जल्द ही प्राइवेट क्षेत्र की नौकरियों में राज्य के लोगों को 70 फीसदी आरक्षण देने के लिए कानून बनाने जा रही है।जिसके लिए आज मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने इसपर चर्चा की।

सदन में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के युवाओं के साथ लंबे समय से अन्याय होता आ रहा है। यहां के स्थानीय युवा बेरोजगार है जो कि एक बड़ा मसला है। हमारी सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार देना चाहती है। जिसके लिए हम प्राइवेट क्षेत्र में स्थानीय लोगों को 70 फीसदी का आरक्षण देना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आगे कहा कि “स्थानीय लोगों को आरक्षण देना कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले गुजरात, महाराष्ट्र और बंगाल में इस तरह का कानून है। वहां की सरकारें राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी भाषा का इस्तेमाल करती है। जिसकी वजह से यहां के लोगों को उन राज्यों में रोजगार नहीं मिल पाता। हमारी सरकार भी यहीं विचार कर रही है। प्रदेश के लोगों को सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र में प्राथमिकता मिले “

मुख्यमंत्री कमलनाथ

कमलनाथ के बयान के बाद मध्य प्रदेश सरकार में सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह ने यशपाल सिंह सिसोदिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 'हाई कोर्ट ने अधिकतम आयु सीमा को बढाकर 35 से 40 वर्ष करने का निर्देश दिया है। जो युवाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।

कानून विभाग का इस मामले में विचार है कि निवास स्थान के नाम पर लोगों के बीच भेदभाव नहीं किया जा सकता। लेकिन कांग्रेस सरकार ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि सरकारी नौकरी के लिए प्रदेश के रोजगार कार्यालय में पंजीकरण करना जरुरी होगा जो सिर्फ राज्य के लोग ही कर सकते हैं।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्य मंत्री कमलनाथ ने कहा था कि मध्य प्रदेश में नौकरी की कमी नहीं है। लेकिन बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग यहां की नौकरियों पर कब्ज़ा कर लेते हैं। हमारी सरकार इसपर काम करेगी। अब कमलनाथ सरकार अपना वादा पूरा करते हुए इस मामले में कानून बनाने पर विचार करने जा रही है।