Uday Bulletin
www.udaybulletin.com
कैलाश विजयवर्गीय ने भी किया चुनाव लड़ने से इंकार
कैलाश विजयवर्गीय ने भी किया चुनाव लड़ने से इंकार|उदय बुलेटिन
म.प्र. बुलेटिन

बीजेपी के लिए ‘गले की हड्डी’ बनता जा रहा है इंदौर लोकसभा सीट, सुमिता महाजन के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी किया इंकार

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

2019 के लोकसभा चुनाव में इंदौर संसदीय क्षेत्र से सशक्त दावेदार माने जा रहे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। उन्होंने यह जानकारी ट्वीट के जरिये दी। इससे पहले लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी यहां से चुनाव लड़ने से साफ़ इंकार कर दिया था।

दरअसल भारतीय जनता पार्टी ने 75 वर्ष की आयु पार कर चुके लोगों को लोकसभा का उम्मीदवार न बनाने का फैसला लिया था। जिसके बाद सुमित्रा महाजन ने स्वयं ही चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। और अब कैलाश विजयवर्गीय ने भी लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है।

कैलाश विजयवर्गीय ने चुनाव लड़ने से इंकार करते हुए ट्वीट किया और कहा, "इंदौर की जनता, कार्यकर्ता व देशभर के शुभचिंतकों की ईच्छा है कि मैं एलएस (लोकसभा) चुनाव लड़ूं, पर हम सभी की प्राथमिकता समर्थ+समृद्घ भारत के लिए नरेंद्र मोदी को पुन: पीएम बनाना है।"

"पश्चिम बंगाल की जनता मोदी के साथ खड़ी है, मेरा बंगाल में रहना कर्तव्य है, अत: मैंने चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया है।"

विजयवर्गीय ने आगे लिखा, "आशा है कि आप भी देश हित एवं पार्टी हित के मेरे निर्णय से सहमत होंगे व पार्टी जिन्हें भी प्रत्याशी बनाएगी, उनकी जीत के लिए, जी जान से जुट जाएंगे। मेरी न सिर्फ इंदौर बल्कि पूरे देश के मतदाताओं से विनती है कि एनडीए जैसी मजबूत सरकार एवं मोदीजी जैसे मजबूत पीएम के लिए मतदान करें। यही विनय।"

एक अन्य ट्वीट में विजयवर्गीय ने लिखा -

“भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता का सिद्घांत है, नेशन फर्स्ट-पार्टी सेकेंड-सेल्फ लास्ट। जहां सवाल देश हित और पार्टी हित का हो वहां स्वयं का कोई महत्व नहीं रह जाता। हमारे सामने पश्चिम बंगाल में पार्टी को अधिकाधिक सीटें जिताने का लक्ष्य है, यह लक्ष्य जितना बड़ा है उतनी ही बड़ी चुनौती भी है।”
विजयवर्गीय

कौन हैं पंकज संघवी

  • कांग्रेस ने इंदौर से पंकज संघवी को उम्मीदवार बनाया है,
  • 1983 में पंकज संघवी पहली बार पार्षद का चुनाव जीते।
  • 1998 में पार्टी ने लोकसभा चुनाव का टिकट दिया। तब सुमित्रा महाजन से 49 हजार 852 वोट से चुनाव हारे।
  • दिसंबर 2009 में महापौर का चुनाव लड़े और भाजपा के कृष्णमुरारी मोघे से करीब 4 हजार वोट से पराजित हुए।
  • 2013 में इंदौर विधानसभा पांच नंबर सीट से करीब 12 हजार 500 वोट से विधानसभा चुनाव हार गए।
  • पंकज संघवी के नाम चुनाव हारने का रिकॉर्ड है, फिर भी बीजेपी का कोई नेता उनके सामने चुनाव ताड़ने को तैयार नहीं।

वहीं भाजपा अब तक अपने उम्मीदवार का चयन नहीं कर पाई है। बीते 8 चुनाव से लगातार जीतती आ रही सुमित्रा महाजन चुनाव लड़ने से इंकार कर चुकी हैं और आज कैलाश विजयवर्गीय का इंकार इंदौर में बीजेपी के लिए हार का सबब बन सकता है।