उदय बुलेटिन
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Kamal Nath
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म.प्र. बुलेटिन

किसानों के कर्ज माफी के बाद कमलनाथ के लिए वित्तीय संकट और घोटाले से निपटने की बड़ी चुनौती! 

राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही कमलनाथ ने किसानों के दो लाख रुपए तक के कर्ज माफ करने के आदेश जारी कर दिया था.  

Suraj Jawar

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मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार एक मात्र एजेंडे पर तेजी से काम करती नजर आ रही है. यह एजेंडा किसानों की कर्ज मुक्ति का है. किसानों की कर्ज मुक्ति हर हाल में लोकसभा चुनाव के पहले होनी है. किसानों को कर्ज मुक्त किए जाने के लिए सरकार को लगभग बीस हजार करोड़ रुपए की जरूरत है. विरासत में सरकार को खजाना खाली मिला है. कर्ज मुक्ति की प्रक्रिया के दौरान सामने आए घोटालों के बीच वास्तविक कर्जदार किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने की बड़ी चुनौती कमलनाथ के सामने है.

कर्ज मुक्ति के जरिए लोकसभा चुनाव में सीटें बढ़ाने की कवायद

राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही कमलनाथ ने किसानों के दो लाख रुपए तक के कर्ज माफ करने के आदेश जारी कर दिया था. किसानों को कर्ज मुक्त किए जाने के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया 15 जनवरी को शुरू की गई थी. आवेदन देने की अंतिम तारीख पांच फरवरी थी. एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस तारीख तक पचास लाख किसानों ने कर्ज मुक्ति के लिए आवेदन किया है.

कांग्रेस इन किसानों के जरिए ही लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल करने का अनुमान लगा रही है. बीस सीटें जीतने का लक्ष्य कांग्रेस ने तय किया है. राज्य में लोकसभा की कुल 29 सीटें हैं. वर्तमान में कांग्रेस के पास सिर्फ तीन सीटें हैं. राज्य विधानसभा के हाल ही में संपन्न हुए चुनाव परिणामों के हिसाब से लोकसभा की 17 सीटें कांग्रेस ने जीती हैं. कांग्रेस ने इसी गणित के आधार पर बीस सीट जीतने का लक्ष्य तय किया है.

इस लक्ष्य को पाने के लिए किसान, कांग्रेस के मददगार बन सकते हैं. इस कारण ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 22 फरवरी की तारीख किसानों के खाते में पैसा पहुंचने की तय की है. मुख्यमंत्री कमलनाथ का अनुमान है कि पचपन लाख किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. प्रदेश में कुल 55 लाख 61 हजार 712 ऋण खाते हैं. इनमें अपात्रता वाले किसान जैसे आयकरदाता/शासकीय सेवक, जन-प्रतिनिधि (विधायक, सांसद आदि) और जीएसटी पंजीयन वाले किसानों के फसल ऋण खाते भी सम्मिलित हैं.

साथ ही जिन कृषकों के अलग-अलग ऋण खातों में 2 लाख रुपए ऋण से ज्यादा की ऋण राशि हैं, उनके द्वारा भी 2 लाख रुपए से ऊपर के अन्य ऋण खातों में आवेदन नहीं किए जाने के कारण कुल प्राप्त आवेदनों की संख्या 50 लाख 40 हजार 861 रही है. कांग्रेस पूरे प्रदेश में किसान रथ यात्रा के जरिए कर्ज मुक्ति का संदेश भी दे रही है.

लाभ वोटों में बदलेगा, ऐसा अनुमान भी कांग्रेस लगा रही है. विधानसभा के हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिले कुल वोट कांग्रेस से ज्यादा हैं. बीजेपी को एक करोड़ छप्पन लाख से अधिक वोट मिले थे. कांग्रेस को बीजेपी से लगभग 47 हजार वोट कम मिले थे. कांग्रेस पंद्रह साल बाद सरकार में वापसी के लिए कर्ज मुक्ति को बड़ा कारण मानती है. कांग्रेस यह मानकार चल रही है कि किसानों के खाते में पैसा पहुंचने के बाद लाभान्वित किसान का भरोसा कांग्रेस सरकार पर बढ़ेगा.