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ग्लोबल वार्मिंग ओर पृथ्वी पर भविष्य का जीवन !

कंक्रीट के जंगल में पेड़-पौधों की भी जरुरत पड़ेगी!

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

गर्मी अपने शबाब पर है, बुंदेली भाषा मे कहें तो नौतपा लगने वाले हैं अर्थात वो नौ दिन जब सूर्य सबसे ज्यादा गर्मी पृथ्वी और अन्य ग्रहों पर प्रक्षेपित करते हैं, ज्योतिष शास्त्र और वैदिक खगोल शास्त्र में इसे अलग तरीके समझाया गया है और साथ ही आधुनिक विज्ञान के अनुसार भी यह प्रासंगिक सिद्ध होती है विज्ञान के अनुसार पृथ्वी जब सूर्य के चक्कर काटते समय साल में एक बार लगभग पंद्रह दिन तक सबसे निकट होती है तब नौतपा माने जाते है।

जबकि वैदिक खगोलीय विज्ञान और ज्योतिष विज्ञान के अनुसार जब रोहणी नक्षत्र की दृष्टि सूर्य पर पड़ती है  वह नौतपा में गिने जाते है साथ ही आपको यह जानना होगा कि वैसे तो नक्षत्र पंद्रह दिनों के लिए आते है लेकिन फिर नौतपा नौ दिन ही क्यों ?

तो इसमें एक ज्योतिष भेद है कि शुरू में चंद्रमा जिन नौ ग्रहों पर रहता है वह नौतपा माने जाते है, स्मरण रहे ये ज्येष्ठ माह में ही अधिकतर होते है नौतपा में पृथ्वी सूर्य के अत्यधिक सन्निकट आती है इसी कारण से पृथ्वी पर अत्यधिक ऊष्मा के कारण तूफान, बवंडर, साथ ही चक्रवात भी उत्पन्न होते है, इस वर्ष नौतपा  25 मई से प्रारम्भ होंगे और ज्योतिष गणनानुसार 8 जून तक रह सकते है

खैर ये तो हुई ज्योतिष की बात, अब आते है असल मुद्दे पर !

बचाव और उपचार

सबसे पहला प्रश्न तो यह है कि किस चीज का बचाव करे गर्मी का ? वो हमसे नही हो पायेगा क्योंकि हमने अपने बचाव की जगह छोड़ी ही नहीं बल्कि हमने और गर्मी बढ़ने के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं

हमने मानव जीवन रक्षक वृक्षों और जंगलों को काट कर कंक्रीट के जंगल तैयार कर दिए है जो समय-समय पर दावानल उत्पन्न करते रहते है, तो अब किसका बचाव करें, हमने अपनी भावी पीढ़ी के लिए सिर्फ विभीषिका छोड़ रखी है जिसमे हमारी आगे वाली पीढ़ी जल-जल के जीती रहेगी और हमे कोसती रहेगी।

अब आप एलोपैथिक दवा की तरह तुरंत आराम देने और तुरंत असर खत्म करने वाली औषधियों का प्रयोग कर सकते है ,मसलन अत्यधिक मात्रा में पानी पिये ,खाने में तरल पदार्थों, हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ा दें, शीतल पेय के नाम पर बिकता धीमे जहर पर पूर्ण विराम लगाए , क्योकि कोई भी कोल्ड ड्रिंक(कार्बनडाई आक्साइड प्रयुक्त सोडा पेय)आपकी प्यास बुझाये या न बुझाये,यह आपके शरीर को नुकसान पहचाने के अलावा कुछ नही करेगा ,साथ मे यह प्यास दोबारा जबरजस्त लगेगी।

कच्चे आम का पन्ना, छांछ, दही, ताजे फलों का रस जैसे अनार, मोसम्मी, अनार, के साथ हरी सब्जियां जैसे पालक, तोरई, लौकी इत्यादि का सेवन अनेक रूपो में कर सकते हैं।

एक पारंपरिक उपचार है वन प्रहरी बन कर जंगलो के कटान को रोके साथ ही नए पेड़ पौधे लगाए,

औऱ साथ मे कंक्रीट के जंगल के पास हरियाली का क्षेत्र बढ़ाये, वन क्षेत्र भविष्य के मानव समेत अन्य जीवो के लिए जीवन बीमा की पॉलिसी जैसा है।

क्योंकि प्रकृति से आप लड़ नही सकते , आप सिर्फ प्रकृति की धारा के साथ बहने का प्रयास कीजिये,जैसे ही आप प्रकृति का अवरोध करेंगे, प्रकृति आपका अस्तित्व ही मिटा देगी।

फैसला आपके हांथो में है स्वयं की संतति को जीवन जीने योग्य पृथ्वी दीजिये या फिर प्रेशर कुकर में उबलता हुआ मौसम।