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ऑफिस में कहें जंक फूड को ना
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भारत के इस बड़े डॉक्टर ने बताया जंक फूड क्यों नहीं खाना चाहिए

जानें हेल्थ एक्सपर्ट पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल की राय 

AKANKSHA MISHRA

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ऑफिस में अगर भूख लगे तो सबसे पहले नज़र जंक फ़ूड पर ही जाती है। कम समय में टेस्टी और पेटभर खाना लोगों को बहुत पसंद आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक नए रिसर्च में पाया गया है कि जो कर्मचारी ऑफिस में जंक फ़ूड खाते हैं, उन लोगों में डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा अधिक होता है। चिकित्सक की सलाह है कि कार्यस्थल पर जंक फूड की जगह फास्ट फूड को तरजीह दें। जंक फूड मोटापे का कारण बन सकता है।

ऑफिस में कहें जंक फूड को ना
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आइए जानते हैं हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल का इस बारे में क्या कहना है। डॉक्टर अग्रवाल के अनुसार जंक फूड खाने से बॉडी में अधिक फैट जमा होने लगता है, जिससे इंसुलिन प्रतिरोध हो सकता है। इसका एक प्रमुख कारण लोगों की आज की जीवनशैली है। दौड़ते-भागते और तेज-रफ्तार जीवन के कारण अक्सर लोग सुबह नाश्ता नहीं कर पाते और दिन के बाकी समय अस्वास्थ्यकर और फटाफट वाला भोजन खाते हैं।

डॉक्टर अग्रवाल के अनुसार जंक फूड (ट्रांस फैट्स वाली रिफाइंड कार्ब्स) की जगह फास्ट फूड (फल, दूध, दही, सलाद, ड्राइफ्रूट्स, सत्तू, नींबू पानी, गन्ने का रस या शहद) लेना चाहिए। लोगों को कैफेटेरिया या वर्कप्लेस में फल और सब्जियां स्टॉक करना, मिठाई की जगह फल पर अधिक जोर देना चाहिए।

डॉ. अग्रवाल ने कहा, "किसी को भी जरूरत से अधिक भोजन नहीं करना चाहिए। स्वाद कलिकाएं केवल जीभ के सिरे और किनारे पर होती हैं। यदि आप जल्दी-जल्दी भोजन करते हैं, तो मस्तिष्क को संकेत नहीं मिलेंगे। छोटे ग्रास बनाकर खाने और उन्हें ठीक से चबाने से स्वाद कलियों के माध्यम से संकेत दिमाग को मिलते हैं। मस्तिष्क को केवल तभी संकेत मिलता है, जब पेट 100 प्रतिशत भरा होता है। इस प्रकार, कोई कितना खा सकता है, यह पेट की परिपूर्णता पर निर्भर करता है।"

डॉ. अग्रवाल के कुछ सुझाव :-

  • कम खाएं और धीरे-धीरे खाकर अपने भोजन का आनंद लें।
  • अपनी आधी थाली फल और सब्जियों से भरें।
  • बड़े कौर न खाएं, उनकी वजह से वजन बढ़ सकता है।
  • कम से कम आधा अनाज साबुत होना चाहिए।
  • ट्रांस फैट और चीनी की अधिकता वाली चीजें न खाएं।
  • स्वस्थ वसा चुनें। वसा रहित या कम वसा वाले दूध और डेयरी उत्पादों का उपयोग करें।
  • खूब पानी पिएं। शर्करा युक्त पेय से बचें।
  • उन खाद्य पदार्थों से बचें, जिनमें सोडियम का स्तर उच्च होता है, जैसे स्नैक्स और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ।
  • इस सबसे बढ़कर, अपनी गतिविधि के हिसाब से अपने भोजन के विकल्पों को संतुलित करें।