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सौंदर्य व्यवहार
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लाइफस्टाइल

मां बनने के बाद बढ़ जाती है खूबसूरती : सर्वे

सर्वेक्षण में यह भी पता चला है कि 20 प्रतिशत माताएं फेशियल, पील्स, लेजर जैसे सौंदर्य उपचार पर हर महीने 1,000 रुपये से अधिक खर्च करती हैं।

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली | भारतीय महिलाओं में मां बनने के बाद खूबसूरती को लेकर विचार में बदलाव देखा गया है। एक 'ब्यूटी सर्वेक्षण' से सामने आया कि लगभग 67 प्रतिशत माताओं का कहना है कि सौंदर्य के बारे में उनका विचार मां बनने के बाद बदल गया है। अधिकांश भारतीय माताओं के पास एक साधारण सौंदर्य व्यवहार होता है जिसमें फेस-वॉश और मॉइश्चराइजर सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले उत्पादों में है।

ऐश्वर्या बच्चन आराध्य बच्चन के साथ 
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महिलाओं से जुड़े यूजर जेनरेटेड कंटेंट प्लेटफार्म मॉमस्प्रेसो ने अपना नवीनतम अध्ययन 'ब्यूटी सर्वे' जारी किया है। यह सर्वे मॉमस्प्रेसो के 'मॉम्स हैप्पीनेस इंडेक्स' के नतीजों पर आधारित है।

'ब्यूटी सर्वे' में 25 से 45 वर्ष तक की आयु समूह की माताओं को शामिल किया गया। तीन में से दो उत्तरदाता सहमत हुईं कि मातृत्व के बाद सौंदर्य को लेकर उनका विचार काफी बदल गया है। 50 प्रतिशत माताओं ने महसूस किया कि सुंदरता पैदाइशी होती है और वे उसका कुछ नहीं कर सकतीं, लेकिन 70 प्रतिशत सोचती हैं कि सही उत्पाद को चुन कर कोई भी महिला आकर्षक दिख सकती है।

मातृत्व के बाद सौंदर्य
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सर्वेक्षण के नतीजों से पता चला है कि 90 प्रतिशत माताएं बहुत सारे कॉस्मेटिक उत्पादों का उपयोग करने से बचती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे लंबी अवधि में उनकी सुंदरता को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए 4 में से 3 महिलाएं उनके बजाय घरेलू उपचार पसंद करती हैं।

इसके अलावा 70 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने दावा किया कि उन्हें युवा दिखने का दबाव महसूस नहीं होता है और फिर भी उनमें से लगभग आठ प्रतिशत सहमत हैं कि उनके पास स्मार्टफोन पर अपनी तस्वीरों की सुंदरता बढ़ाने के लिए ऐप्स हैं और उनमें से आठ प्रतिशत ने स्वीकार किया कि वे सुंदर और युवा दिखने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी कराने की इच्छुक हैं।

मीरा राजपूत और शहीद कपूर के साथ 
मीरा राजपूत और शहीद कपूर के साथ 
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लगभग 30 प्रतिशत माताओं को स्ट्रेच मार्क्‍स और ढीले स्तन की चिंता है, जबकि टमी फ्लैब और बालों के झड़ने को शरीर से जुड़े दो मुख्य मुद्दों के रूप में जताया गया जो उन्हें सबसे ज्यादा परेशान करते थे।

मेक-अप को लेकर भी दिलचस्प जानकारी सामने आई है। केवल पांच प्रतिशत माताओं ने कहा कि वे रोज मेक-अप करती हैं। इसके अलावा सर्वेक्षण में खुलासा हुआ कि 68 प्रतिशत स्वयं का मेकअप करने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। वह जानकारी के प्रमुख स्रोतों के रूप में ऑनलाइन ट्यूटोरियल, ब्लॉग्स और प्रोडक्ट रिव्यू आदि पर भरोसा करती हैं। सर्वेक्षण में यह भी पता चला है कि 20 प्रतिशत माताएं फेशियल, पील्स, लेजर जैसे सौंदर्य उपचार पर हर महीने 1,000 रुपये से अधिक खर्च करती हैं।

महिलाएं ब्यूटी
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मॉमस्प्रेसो की चीफ एडिटर पारुल ओहरी ने कहा, "मॉमस्प्रेसो ब्यूटी सर्वे बेशकीमती टूल है। इससे यह पता चला कि महिलाएं ब्यूटी के बारे में क्या सोचती हैं और अपनी छवि को लेकर दुविधाएं व प्रमुख मुद्दे क्या होते हैं। आंकड़ों ने हमें यह समझने में मदद की कि ज्यादातर महिलाएं मां बनने के बाद अपने सौंदर्य के बारे में क्या सोचती हैं।"

--आईएएनएस