Donald trump on world health organization
Donald trump on world health organization|Google
विदेश

अब ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर किया करारा हमला 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से विश्व स्वास्थ्य संगठन पर हमला बोलते हुए कहा कि WHO की फंडिंग पर अमेरिका पुन: विचार करेगा।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर भारी आरोप लगाए हैं, ट्रम्प के अनुसार WHO की नीतियां अब चीन पर ही केंद्रित है। पिछली कुछ रिपोर्ट्स में दुनिया के तमाम देशों के लोगों ने WHO पर हमले किये है लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति का हमला नए सवाल खड़े करता है।

ट्रंप ने कहा WHO निष्पक्ष नही :

वैसे तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रम्प बेहद बड़बोले और मुखर माने जाते है लेकिन ऐसे वक्त में जब पूरे विश्व समेत अमेरिका कोरोना जैसी महामारी से बहुत ज्यादा प्रभावित है तो ऐसे मौके पर ट्रंप का विश्व स्वास्थ्य संगठन के खिलाफ बोलना तमाम सवाल खड़े करता है। कि क्या वास्तव में विश्व स्वास्थ्य संगठन अपनी विश्वनीयता खोता चला जा रहा है।

क्या बोले ट्रंप :

बोलना क्या है, सीधा-सीधा विश्व स्वास्थ्य संगठन और हमला कर दिया है। ट्रंप के अनुसार

" विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बहुत बड़ी गलती की है, विशेष कारणों की वजह से WHO चीन केंद्रित हो चुका है जबकि WHO को सबसे ज्यादा फंड हम उपलब्ध कराते हैं। अब हम इसे अपने हिसाब से देखेंगे, ये तो ठीक हुआ कि हमने चीन के लिए अपनी सीमाएं खोले रखने वाली WHO की सलाह नही मानी। आखिर WHO ने हमे ऐसी सलाह क्यों दी थी ?"

पहले भी कर चुके है हमला :

ऐसा नही कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप यह हमला पहली बार कर रहे हैं। दरअसल विश्व स्वास्थ्य संगठन अपनी कही हुई बातों पर खरा नहीं उतरा, इसी कारण से ट्रम्प WHO पर चीन की तरफदारी करने का आरोप लगा चुके है। पिछले 26 मार्च के बयान में उन्होंने इस बात का जिक्र किया था। इसके साथ ही अमेरिकी सांसदों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के रवैये पर सवाल उठाए थे जिसमें पहले WHO ने कोरोना के इंसानों से इंसानों में न फैलने की जानकारी दी लेकिन यह फैला और इस कदर फैला की पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ गयी।

उठने लगी है विरोध की आवाजें :

यहाँ सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति ही नहीं बल्कि अन्य हस्तियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका पर सवाल उठाने शुरू कर दिए है ,कई लोगों ने तो बाकायदा फंडिंग रोकने की भी सलाह दे डाली है। लेकिन असल मे ऐसा होता है तो मामला अलग दिशा को जा सकता है।

कुछ लोगों के अनुसार चीन अमेरिका का कभी मित्र हो ही नहीं सकता:

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उदय बुलेटिन
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