Tiktok को अमेरिका में भी किया गया बैन, सामने आया टिक-टॉक का बयान

माइक्रोसॉफ्ट द्वारा टिकटॉक को खरीदने से संबंधित बातें चल रही हैं। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसके पक्ष में नहीं है
Tiktok को अमेरिका में भी किया गया बैन, सामने आया टिक-टॉक का बयान
Tiktok ban in americaGoogle image

अगर तरीके से देखा जाए तो चीन के अलावा उन कंपनियों को इस वक्त जहालत झेलनी पड़ रही है जो किसी न किसी प्रकार से चीन से जुड़ी हैं। फिर चाहे वह टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़ी हुई हुवावे जैसी कंपनी हो या मनोरंजन एप के क्षेत्र में महशूर टिक-टॉक जैसे एप, ताजा खबरों के अनुसार टिक-टॉक को अमेरिका ने भी सुरक्षा कारणों के मद्देनजर बंद कर दिया गया है।

खुद ट्रम्प ने की घोषणा:

भारत में भले ही 59 चीनी एप्स को सरकार के नुमाइंदों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके टिक टॉक समेत अन्य एप्स को देश से बाहर का रास्ता दिखाया था लेकिन अमेरिका में हालात उससे भी कहीं आगे निकल चुके है दरअसल चीन को हर तरफ के घेरने के मूड में अमेरिका ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टिक टॉक को स्थायी रूप से अमेरिका में बैन करार दिया है। इससे पहले ही टिक टॉक भारत मे बैन होने के बाद बहुत बड़े नुकसान के साथ चल रहा था लेकिन अमेरिका में बंद होना एक बहुत बड़ी समस्या मानी जा रही है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद भी टिक टॉक यूएस की जनरल मैनेजर का एक बयान जारी किया गया है जिसमे सभी उपयोगकर्ताओं की सराहना की गई है।

टिक टॉक ने कहा हम कहीं नही जाने वाले:

राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा बैन लगाने के बाद टिक टॉक की जनरल मैनेजर द्वारा यह विश्वास दिलाया गया है कि हम कहीं भी नही जाने वाले, इससे लोगों के अंदर इस उम्मीद को ज्यादा बल मिलता है कि जल्द ही यह कंपनी चीनी पहचान का पीछा छुड़ाने की कोशिश करेगी। टिक टॉक द्वारा अमेरिका में रोजगार बढ़ाने का लुभावना वादा किया गया है और यह कहा गया है कि कंपनी अगले तीन साल में भारी रोजगार मुहैया कराएगी। यहां आपको बताते चले कि अमेरिका द्वारा टिक टॉक पर उपयोगकर्ताओं की जासूसी करने के आरोप लगातार लग रहे थे वहीँ कंपनी द्वारा यह बताया गया है वह उपभोक्ताओं के डाटा की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत के बाद दूसरा बड़ा झटका:

इससे पहले भारत ने भी टिक टॉक को जासूसी करने और ग्राहकों की निजी जानकारी चीन को पहुंचाने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों की वजह से बैन किया था। हालांकि जिस हिसाब से टिक टॉक ने बयान जारी करके यह कहा है कि वह कहीं नहीं जाने वाली उसके आधार पर यह बल मिलता है कि कंपनी जल्द ही अपने नाम के पीछे लगा हुआ चीनी ठप्पा छुड़ा लेगी। सुनने में यह भी आया है कि पिछले कुछ दिनों से माइक्रोसॉफ्ट और टिक टॉक के बीच अधिग्रहण को लेकर बात चीत चल रही है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

भारत मे बैन होने के बाद टिक टॉक का रिएक्शन:

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उदय बुलेटिन
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