ब्रिटेन की संसद में भारत के किसान आंदोलन को लेकर उठा मुद्दा, कहा निजी मामला

ब्रिटिश सरकार ने शनिवार को संसद में कहा कि कृषि सुधार भारत का अंदरूनी मामला है
ब्रिटेन की संसद में भारत के किसान आंदोलन को लेकर उठा मुद्दा, कहा निजी मामला
ब्रिटेन की संसद में भारत के किसान आंदोलन को लेकर उठा मुद्दाGoogle Image

भारत मे बीते लंबे वक्त से किसानों और सरकार के बीच तीन कृषि बिलो को लेकर खींचातानी चल रही है। इसी मुद्दे को लेकर ब्रिटेन की संसद के निचले सदन में इस मुद्दे पर लेबर पार्टी के सांसदों ने बहस करने की मांग की जिसपर सत्तारूढ़ पार्टी ने अपना रुख जाहिर किया।

भारत मे बीते लंबे वक्त से किसानों और सरकार के बीच तीन कृषि बिलो को लेकर खींचातानी चल रही है। इसी मुद्दे को लेकर ब्रिटेन की संसद के निचले सदन में इस मुद्दे पर लेबर पार्टी के सांसदों ने बहस करने की मांग की जिसपर सत्तारूढ़ पार्टी ने अपना रुख जाहिर किया।

दरअसल इस मामले की शुरुआत तब हुई जब ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने संसद के निचले सदन में भारत मे चल रहे कृषि आंदोलन को लेकर बहस करानी चाही लेकिन इस पर ब्रिटेन की सत्तारूढ़ पार्टी के पुराने सांसद जैकब रीब ने कहा कि भारत का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। भारत दुनिया के कुछेक ऐसे देशों में शामिल है जिसके ब्रिटेन से बेहद मजबूत संबंध है। सांसद ने आगे अपनी बात रखते हुए बताया कि हम भारत मे चल रहे कृषि बिलो के विरोध वाले आंदोलन पर बेहद गहनता से नजर रख रही है। हालाँकि सांसद ने यह भी बताया कि यह भारत का घरेलू और निजी मामला है

अमेरिका भी कर चुका है भारत की केंद्र सरकार का समर्थन:

आपको बताते चले कि इससे पहले भारत की केंद्र सरकार अमेरिकी सरकार से भी समर्थन हासिल कर चुकी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बारे में बयान देते हुए कहा था कि भारत से इस कदम का अमेरिका समर्थन करता है साथ ही ऐसे प्रयास भारत मे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बड़े बाजारों तक पहुँच मिल सकेगी। अमेरिका ने संकेतो के आधार पर यह भी कहने की कोशिश की थी यह मामला भारत का निजी और अंदरूनी मामला है।

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उदय बुलेटिन
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