Live Abuse in Pakistan TV Debate Show
Live Abuse in Pakistan TV Debate Show|Pic Credit: Screenshot Twitter Handle @AsifViews 
विदेश

पाकिस्तान के टीवी डिबेट शो पर लाइव गाली-गलौज, महिला पत्रकार को खुलेआम बेइज्जत किया।

पूरी दुनिया महिला दिवस पर महिला सम्मान देने की बात कर रही है और पाकिस्तान में थू-थू हो रही है, आखिर माजरा क्या है? 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

पाकिस्तान के वजीरे आजम भारत मे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की बाते करते नहीं थकते है उन्हें अपने देश मे ही चल रहे महिला अधिकार के ऊपर हनन के मामले दिखाई नहीं दे रहे। इस मामले में डिबेट के दौरान एक व्यक्ति द्वारा महिला को कुतिया और तमाम गलत शब्दों का से संबोधित करते हुए सुना जा सकता है।

दुम टेढ़ी की टेढ़ी :

अगर आप पाकिस्तान जैसे देश में महिलाओं के अधिकार की बात करते है तो यह बेहद जुमला ही साबित होगा क्योंकि यहाँ महिला अधिकार जैसी कोई चीज असलियत में है ही नहीं बल्कि महिलाओं को सिर्फ उपभोग की चीज समझा जाता है। और यह मामला केवल उपयोग और उपभोग तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसे एक दासता के समान देखा जाता है। यहाँ महिलाएं केवल पुरुषों की कामोत्तजना शांत करने और बच्चों के उत्पादन करने वाली मशीन से ज्यादा कुछ नहीं है।

नमूना देखिए, आप खुद ब खुद शर्म से गड जाएंगे:

क्या है मामला ?

मामला पाकिस्तान में महिलाओं के द्वारा उठायी जाने वाली आवाज से जुड़ा हुआ है जहाँ इन दिनों "औरत मार्च" का आयोजन किया जा रहा है जिसके दौरान महिलाओं द्वारा एक नारे "मेरा जिस्म-मेरी मर्जी" को बुलंद किया जा रहा है वहीँ इस मामले को लेकर महिलाओं के पक्ष में महिला पत्रकार मारवी सिमरद फोन लाइन पर डिबेट में मौजूद थी लेकिन उसी पैनल में पाकिस्तान के सो काल्ड लेखक खलील उल रहमान भी पुरुषों का पक्ष रख रहे थे जहां इसको लेकर मर्यादाओं को तार-तार कर दिया गया।

मेरा जिस्म मेरी मर्जी पर हुआ बवाल :

मारवी ने खलील की बात के दौरान जैसे ही मेरा जिस्म मेरी मर्जी जैसे शब्दों का प्रयोग किया इस पर खलील ने एक लेखक होने के बावजूद अपनी मानसिकता जाहिर करते हुए नीचता की हदें पार कर दी। खलील ने महिला सम्मान को तार तार करते हुए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जिनका उल्लेख करते हुए भी हमें शर्म आ रही है।

जमकर हुआ विरोध :

खलील के इस गाली गलौज के बाद पाकिस्तान में एक नई बहस छिड़ चुकी है, कि क्या महिलाएं किसी की प्रॉपर्टी तक ही सीमित है या फिर किसी खरीदे गए खिलौने की तरह उपयोग की वस्तु है? लोगों ने खलील को भी जलील करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस मामले पर खलील को बोलते नहीं बन रहा, हालाँकि सब जानते है पाकिस्तान में शरिया कानून होने की वजह से महिलाओं के लिए कहीं कुछ नही बदलेगा।

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उदय बुलेटिन
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