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इसलिए आलसी हो जाते हैं लोग
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तो गर्मी के मौसम में इसलिए आलसी हो जाते हैं लोग, रिपोर्ट में हुआ खुलासा 

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गर्मी के कारण कार्यबल की उत्पादकता करीब सात फीसदी घट जाती है

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: भारत में छह ऋतुएं हैं, अमूमन अन्य देशों में चार ऋतुएं होती हैं। भारत के लोग सभी मौसमों का आनंद लेते हैं। लेकिन हालियां किये गए सर्वे की माने तो भारत में गर्मी के मौसम में लोगों के काम-काज पर असर पड़ता है और वे चीन के लोगों से भी कम काम कर पाते हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गर्मी के कारण कार्यबल की उत्पादकता करीब सात फीसदी घट जाती है, जो 75 अरब मानव घंटे (मैन आवर्स) के बराबर है। यहां मानव घंटे से अभिप्राय औसतन एक घंटा में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया काम से है।

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स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन पर गुरुवार को लांसेट पत्रिका द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा चीन की तुलना में करीब चार गुना ज्यादा है जबकि दुनियाभर में 153 अरब मानव घंटे के आधे से थोड़ा ही कम है. यह आंकड़ा वर्ष 2017 का है।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन में गर्मी के कारण एक साल में 21 अरब मानव घंटे की बर्बादी हुई जोकि उसके कार्यबल के पूरे साल के काम का 1.4 फीसदी है।

दुनियाभर में पिछले साल 2000 की तुलना में 15.7 करोड़ अधिक लोग गर्मी से पीड़ित थे जबकि 2016 के मुकाबले 1.8 करोड़ लोग गर्मी से पीड़ित थे।

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हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन की सबसे ज्यादा सामाजिक व आर्थिक कीमत चुकाने वाले देशों में भारत भी शामिल है जहां एक टन अतिरिक्त कार्बन डाईऑक्साइड के उर्त्सजन की कीमत 58 डॉलर होती है जबकि अमेरिका में 48 डॉलर और सऊदी अरब में 47.5 डॉलर।

यह आंकड़े बताते हैं कि भारत में लोग कितने हद तक लापरवाह हैं और अपने काम को किस तरह मौसम के अनुसार बदलते है। अगर चीन की बात की जाये तो चीन गर्मी के अलावा अन्य महीनों में हम भारतीयों से अधिक तेजगति से काम करता है।

--आईएएनएस