महशूर पत्रिका शॉर्ली एब्दो ने फिर छापा विवादित कार्टून, कहा हम झुक नहीं सकते

फ्रांस की व्यंग्य पत्रिका शार्ली एब्दो ने एक बार फिर विवादित कार्टून छापा।
महशूर पत्रिका शॉर्ली एब्दो ने फिर छापा विवादित कार्टून, कहा हम झुक नहीं सकते
Charlie Hebdo cartoonisraelhayom.com

कला और बंदूक दो अलग-अलग चीज़ें है, जब कला भावनाओं को व्यक्त करने का जरिया बन जाये और बंदूक उस आवाज को दबाने की कोशिश करने लगे तो समझ लीजिए सब कुछ ठीक नहीं है। कुछ ऐसा ही हुआ था सन 2015 में जब शॉर्ली एब्दो के ऑफिस में हमलावरों ने एक कार्टून को लेकर पत्रिका की सम्पादकीय टीम को मौत के घाट उतारा था। अब वही विवाद दोबारा जन्मता दिख रहा है, पत्रिका ने फिर से विवादित कार्टून को छापना शुरू कर दिया है।

स्वीडन विवाद के बाद आया मामला:

अभी स्वीडन का मामला ठंढा नही हो पाया था कि अब फ्रांस में इसकी आहट सामने आने लगी है और इसी सुलगन के बाद ही फ्रांस में भी मुस्लिम विरोध से जुड़े हुए मसलों में तेजी आने लगी। लोगों ने सामूहिक तौर से पाक कुरान की प्रतियां फाड़ी, जिसके बाद यूरोपियन यूनियन के अन्य देशों में भी इसकी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। इसी बीच मजाक और व्यंग के लिए जानी जाने वाली पत्रिका ने एक बार फिर से पैगंबर मोहम्मद के विवादित कार्टून छाप कर विवाद को हवा देना शुरू कर दिया है। इस मसले की शुरुआत एक बार फिर से तब शुरू हुए जब शॉर्ली एब्दो के प्रतिस्थान पर हुए हमले का ट्रायल होना शुरू हुआ। एब्दो ने साफ शब्दों में अपनी प्रतिबद्धता को जताते हुए लिखा कि "हम कभी झुकेंगे नही और हम कभी हार नही मानेंगे"

शॉर्ली एब्दो का ट्वीट:

मामले का हो रहा है ट्रायल:

दरअसल बीते दिन 1 सितंबर 2020 को पत्रिका ने अपने पुराने विवादित कार्टून को छापा और इस दिन का चुनाव इसलिए किया गया कि 7 जनवरी 2015 को शॉर्ली एब्दो के पेरिस कार्यालय पर दो आतंकी भाइयो ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हिंसा को अंजाम दिया था जिसकी वजह से कई लोगों की जाने गयी थी और कई लोग स्थायी तौर पर अपंग हो गए थे। इस मामले को लेकर अब अदालत 2 सितंबर से शुरू हो रही है, शॉर्ली एब्दो के अनुसार यह बेहद सही वक्त है जब हम अपनी आवाज बुलंद करके दुनिया को यह बता सके कि हम डरने और झुकने वालो में से नही है। सनद रहे कि यह वही कार्टून है जिसे एब्दो के कार्टूनिस्ट जीन काबूट ने बनाया था और जिसकी वजह से हुई हिंसा ने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। यहाँ यह बतानां भी ठीक रहेगा कि पेरिस में हुए इस हमले में कार्टूनिस्ट जीन क़ाबूट (काबू) की भी मृत्यु हुई थी।

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उदय बुलेटिन
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