कोरोना इफेक्ट : अमेरिका जैसा ताकतवर देश घुटनों पर बैठने के लिए मजबूर हुआ। 

अमेरिका के ताजा हालात यह है कि लोग राशन की दुकानों में भविष्य की भयावहता के मद्देनजर राशन के साथ साथ बंदूकें भी खरीद रहे है, जो कि चिंता का विषय है। 
कोरोना इफेक्ट : अमेरिका जैसा ताकतवर देश घुटनों पर बैठने के लिए मजबूर हुआ। 
Coronavirus in AmericaUday Bulletin

आखिर कारण क्या है :

भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोरोना में कारगर होने वाली वैक्सीन के विकाश में अपना कदम आगे बढ़ाने की बात कही हो लेकिन अमेरीकी जनता इस वायरस के प्रकोप से इस कदर परेशान है कि उन्हें कोई बात सूझ ही नहीं रही। यही कारण है कि जैसे ही लोगों को यह लगा कि इस वायरस से लड़ने में काफी वक्त लगेगा उन्होंने राशन का भंडार बढ़ाना शुरू कर दिया है जिस वजह से अमेरिकी दुकानों पर राशन खरीदने वालों की भीड़ जमा होने लगी। अमेरिका के बाजारों में हैंड सेनेटाइजर और मास्क पहले से ही गायब हो चुके है इसके साथ ही लोगों मे खाने पीने की वस्तुओं का भंडारण करना शुरू कर दिया है ताकि लॉक डाउन होने की स्थिति में कोई समस्या न हो।

मास्क के साथ बंदूक :

अमेरिका में लोगों की खरीदारी करने पर नजर रखने वाली सरकारी और निजी एजेंसियों ने चौकाने वाले खुलासे किए है। प्राप्त स्रोतों के अनुसार राशन के साथ-साथ लोग जिन वस्तुओं की खरीदारी कर रहे है उनमें मास्क, सेनेटाइजर, और बंदूकें शामिल है। हालांकि मास्क और सेनेटाइजर का तो कोरोना से सीधा संपर्क समझ मे आता है लेकिन बंदूकों की खरीदारी चिंता पैदा करती है। जानकार लोगों की माने तो इसका इशारा हॉलीवुड फिल्मों की तरफ जाता है जहाँ किसी भयानक संक्रामक बीमारी फैलने पर लूटमार मचने की संभावना पर हथियार काम आ सकते है। जानकार लोगों ने सबसे आश्चर्यजनक बात यह भी बताई की हथियार उन लोगों द्वारा खरीदे जा रहे है जिन्होंने कभी हथियार खरीदे ही नहीं।

अमेरिका और अस्पताल :

दरअसल अमेरिका भले ही आर्थिक और सामरिक दृष्टि से महाशक्ति हो लेकिन अस्पतालों की दृष्टि से अमेरिका बेहद निचले स्तर पर है। आज के परिपेक्ष्य में अगर नजर डाली जाए तो अमेरिका के पास केवल 10 लाख बेड ही उपलब्ध हैं। तो इस प्रकार से अमेरिका की आबादी से औसत निकालने पर प्रति एक हजार लोगों पर केवल 2.8 बेड ही उपलब्ध है।इस क्रम में अमेरिका उन देशों से भी पिछड़ा हुआ है जहाँ कोरोना अपने चरम पर है।

चीन - प्रति एक हजार व्यक्ति 4.3 बेड

दक्षिण कोरिया - प्रति एक हजार व्यक्ति 12.3 बेड

इटली : प्रति एक हजार व्यक्ति 3.2 बेड

इसके अलावा अमेरिका में वेंटिलेटर की संख्या भी बेहद कम है जिनकी संख्या मात्र 1 लाख 60 हजार तक सीमित है जो कि चिंता का विषय है।

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उदय बुलेटिन
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