पाकिस्तानी अधिकारी ने "प्राचीन पाकिस्तान" के दिखाए नमूने, दुनिया भर में उड़ा मजाक

क्या पाकिस्तान का अपना कोई इतिहास है? 1947 से पहले पाकिस्तान का बजूद ही क्या था।
पाकिस्तानी अधिकारी ने "प्राचीन पाकिस्तान" के दिखाए नमूने, दुनिया भर में उड़ा मजाक
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इस मजाक की शुरुआत तब हुई जब वियतनाम में पाकिस्तानी सरकार के नुमाइंदे कमर अब्बास खोखर ने तक्षशिला विश्वविद्यालय को प्राचीन पुरातन पाकिस्तान के इतिहास के बारे में बताया। हालांकि इस दावे के बाद लोगों ने अधिकारी की फजीहत कर दी। लोगों ने कहा कि 1947 से पहले आप किस पाकिस्तान की बात करते हैं।

पुरातन पाकिस्तान कितना होगा?

पाकिस्तान के इतिहास को लेकर लंबे वक्त से मीम्स और मजाक बनते आये हैं। लोगों का मानना है कि अगर पाकिस्तानी इतिहास भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा में होता तो एक औसत भारतीय छात्र भी आईएफएस बनता। जाहिर है कि 1947 से पहले पाकिस्तान के खुद का कोई इतिहास है ही नही, जो भी इतिहास है वह भारत का है लेकिन पाकिस्तानी बुद्धिजीवी इस बात को स्वीकार ही नही कर सकते।

ताजा मामला पाकिस्तानी विदेश सेवा के एक अधिकारी के ट्वीट से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने पाकिस्तानी इतिहास के बारे में डींगें हांकी है, मामला वियतनाम में तैनात पाकिस्तानी राजदूत कमर अब्बास खोखर की बचकानी हरकतों से जुड़ा हुआ है, जिसमें कमर ने यह दावा किया है कि पुरातन पाकिस्तान का इतिहास बेहद समृद्ध है। कमर के मुताबिक पुराने पाकिस्तान में तक्षशिला जैसी महान यूनिवर्सिटी संचालित थी, जिसके चाणक्य जैसे महान शिक्षक भी थे, हालांकि बात कोई गलत नही है, पाकिस्तान के भौगोलिक क्षेत्र में यह विश्वविद्यालय था, दुनिया भर से इस विश्वविद्यालय में लोग गणित, ज्योतिष, सांख्य और दर्शन समेत कई विषयों पर शिक्षा लेने आते थे, लेकिन असल सवाल यह है जिस पाकिस्तान को बने हुए जुम्मा जुम्मा कुछ दशक गुजरे है वह सदियों पहले की बाते लोगों को सुनाकर क्या साबित करना चाहता है, अगर कोई दुनिया मे यह कहे कि 1947 के पहले कोई पाकिस्तान की अवधारणा भी तो इसे महज एक मजाक माना जायेगा।

लोगों ने कहा बस करो खोखर साहब: ट्विटर पर ट्वीट के आते ही लोगों ने पाकिस्तान विदेश सेवा के अधिकारी को ज्ञान देना शुरू कर दिया। लोगों ने खोखर साहब से कहा कि जनाब या तो आपका ज्ञान कमजोर है या आप दूसरों को मूर्ख समझते है, क्योंकि 1947 से पहले पाकिस्तान के इतिहास को खोजना बेवकूफी है, क्योंकि इससे पहले केवल भारत था, इसके अलावा कुछ भी नही।

लोगों ने इस पर ऐतिहासिक तथ्य देकर खोखर साहब के तोते ही उड़ा दिए, हालांकि वो बात अलग है जब शर्म ही नही तो बेइज्जती किस बात की?

लोगों ने खोखर साहब की शिक्षा पर भी सवाल उठाए:

लोगों ने कहा कि इसमें खोखर साहब का कोई दोष नही है, दरअसल खोखर साहब वही ज्ञान दूसरों को दे रहे है जो उन्होंने धार्मिक शिक्षा स्थलों पर पाया है, लोगों ने मजाक करते हुए कहा कि जब खोखर साहब ने पाकिस्तानी मदरसों में तालीम पाई है तो उसके साइड इफ़ेक्ट होना लाजिमी है।

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उदय बुलेटिन
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