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विदेश

चीन ने दिखाया कि आपातकाल के समय युद्धस्तर का कार्य कैसे होता है। 

कोरोनावायरस से अब तक 41 लोगों की मौत और 1287 संक्रमित

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

कोरोना वायरस अब केवल चीन के लिए चिंता का विषय नहीं है, चीन वो उत्पादक देश है जहाँ दुनिया अपना माल उत्पादित कराती है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है, अब जबकि दुनिया के तमाम देश अपने यहाँ चीन से लौटे हुए लोगों मे कोरोना वायरस प्रभावित होने की बात कह रही है, तो भारत को चिंतित होने की जरूरत है, इसी बीच चीन ने एक काम करके दुनिया को चौका दिया है।

वायरस के रोकथाम की कोशिशें जारी :

भले ही चीन इस वायरस की वजह से घुटनों पर आ गया हो, लेकिन उसने अपनी कोशिशें करना बंद नहीं की, बल्कि दुगनी ताकत के साथ इस वायरस को रोकने की जद्दोजहद शुरू कर दी है, यही कारण है कि चीन ने समूचे चीन में एलर्ट घोषित कर दिया है, और टीमें संभावित प्रभावित लोगों पर नजर रख रही है और संक्रामित लोगों का इलाज जारी है।

मात्र 6 दिनों में बनेगा 1000 बेड का अस्थायी अस्पताल:

भले ही ये कहने और सुनने में अजूबा लगे, लेकिन चीन ने इस पर सिर्फ अमल करना ही नहीं बल्कि आदेश पारित होने के बाद इस कार्य पर भारी प्रगति देखी गयी है, चीन ने अपने इस कार्य को पूरा करने के लिए चीन सरकार की सरकारी कंपनियों चाइना कंट्रक्शन थर्ड इंजीनियरिंग ब्यूरो, वुहान कंट्रक्शन इंजीनियरिंग ग्रुप, वुहान म्युनिसिपल इंजीनियरिंग डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट समेत वुहान होम म्युनिसिपल कंट्रक्शन ग्रुप की मदद से मात्र 6 दिन में पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

शहर में गरज रही है भारी मशीनें :

कैडियन जिले में यह अस्थायी अस्पताल प्रस्तावित है वहां शनिवार शाम को ही भारी अर्थमूवर और अन्य निर्माणी मशीनों ने अस्पताल के स्ट्रक्चर के निर्माण के लिए काम करना शुरू कर दिया है, उक्त स्थान पर भारी माल वाहक ट्रक और मशीनों का आना जाना लगातार चालू है, तत्काल के काम के लिए यह करीब 500 मजदूरों द्वारा काम को शुरू कराया गया है और प्राप्त सूचना के अनुसार करीब 500 मजदूर स्टैंडबाई में रखे गए है ताकि आवश्यक होने पर निर्माण में कोई रुकावट न आये।

चीन आपको पहले भी प्रूव कर चुका है:

हालांकि यह मामला पहला नहीं है जब चीन ने इतने बड़े स्तर पर ऐसा कोई कार्य किया हो, इससे पहले चीन ने साल 2003 में SARS नामक बीमारी से निबटने के लिए मात्र सात दिनों में एक बड़ा अस्थायी अस्पताल बनाया था।

इस तरह के मामलों को लेकर भारत जैसी जनसंख्या वाले देश को चीन जैसे देश से सीखना चाहिए, क्योंकि अकेले भारत हर साल अस्पताल में बेडों की कमी के चलते सैकड़ो लोगो की जान गंवा देता है, भले ही वह जापानी बुखार का मामला हो या फिर डेंगू का।

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उदय बुलेटिन
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