attack in MSF Hospital Kabul, Afghanistan
attack in MSF Hospital Kabul, Afghanistan|Photo Credit Tahir Ashraf Twitter
विदेश

अफगानी बच्चों पर हमला करते हुए कायर जाहिलों का ये कैसा जेहाद ?

जाहिल जिहादी पूरी इंसानियत का कत्ल करने पर उतारू हैं।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

अगर किसी की हत्या करना गुनाह की श्रेणी में आता है तो हाल में ही पैदा हुए अबोध बच्चों की गोली मारकर हत्या कर देना शायद उस श्रेणी में होगा जिसे खुदा कभी कुबूल नहीं करेगा। नवप्रसूता माताओं और बच्चों को खतरा मानकर गोली मारकर खुद को बड़ा दिखाने वालों की मुखालफत करने को भी कोई तैयार नहीं है। इस हत्याकांड के खून के छींटे भी पाकिस्तान पर लग रहे हैं।

काबुल में हमला बच्चे माताएं और नर्से मारी गयी :

कैसा मंजर होगा जब दर्द से कराहती हुई माताओं ने अपने दर्द को सहकर अपने जिगर के टुकड़े को संसार मे लाने का काम किया होगा लेकिन तभी धर्मांध और मानवता के दुश्मनों ने माताओं समेत बच्चों को एके 47 की गोलियों से भून दिया। दरअसल अफगानिस्तान के काबुल में स्थित एक मैटरनिटी हॉस्पिटल में आतंकवादी हमला हुआ है जहां पर धर्मांध जेहादियों ने नवजात शिशुओं और उनकी माताओं समेत अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को भून दिया। इस हमले में दो नवजात समेत 16 माताओं और नर्सिंग स्टाफ की मौके पर मौत हो गयी और भारी संख्या में लोग घायल हुए हैं।

इस मामले में भी पाकिस्तान का हाँथ:

खून में सने हुए बच्चे रुला देते है :

वैसे तो हर इंसान की मौत तकलीफ से बाहर देती है, लेकिन अगर देश मे कोई हलचल है तो कहीं न कहीं उसके बाशिंदों को उसका भुगतान करना पड़ता है। जो बच्चा अभी सही से आंख भी नहीं खोल पाया और मौत के आगोश में समा गया। कुछ बच्चे जो तरीके से रो भी नहीं सकते ए के 47 की गोलियां उनके शरीरो में धसी हुई नजर आती है। वास्तव में ये हमला किसी मेटरनिटी हॉस्पिटल पर नहीं बल्कि पूरी इंसानियत की पैदाइश पर हुआ है जिसका भुगतान सभी को करना पड़ेगा।

कश्मीर पुलिस के सायबर विंग के एसपी ताहिर अशरफ ने इस मामले का मुख्य कारण अति धर्मिता और धर्मांधता बताया है।

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उदय बुलेटिन
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