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मानवता का सबसे दर्दनाक रूप
मानवता का सबसे दर्दनाक रूप|Social Media
विदेश

मानवता का सबसे दर्दनाक रूप: बाप के पेट और पीठ से सिमट कर मौत के मुंह में खोई मासूम

मौत की बलि चढ़ती मानवता  

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

आज का विषय बेहद मार्मिक है। इंटरनेट पर एक तश्वीर लगातार तैर रही है। जिसमें एक 23 माह की बच्ची अपने पिता के पेट से सिमट कर मरी पड़ी है। दोनों की लाशें अमेरिका की एक नदी के किनारे पायी गयी है।

गौर से देखे तो पता चलता है कि 23 महीने की बेटी अपने पिता की गर्दन को अपनी छोटी-छोटी बांहों से समेटे हुए है। बेटी पिता की गर्दन के नीचे पेट और पीठ से चिपकी हुई है। गौर से देखने पर लगता है कि जैसे बाप और बेटी अटखेलियां कर रहे हो।

लेकिन ऐसा कुछ है नहीं..........

असल कहानी क्या है ?

दरअसल इस कहानी की असलियत कुछ और ही हैं, ऑस्कर अल्बर्टो मार्टिनेज नाम का एक व्यक्ति था जो अपनी बेटी एंजी और पत्नी वेनेसा के साथ शरणार्थी जीवन बिता रहा था। उसका मूल देश था सल्वाडोर और लक्ष्य था किसी तरह अमेरिका पहुंचना। उम्मीद थी किसी तरह अमेरिका जाकर अधिकारियों से मिन्नते कर के देश मे प्रवेश पा लेंगे और बची खुची जिंदगी आराम से जी सकेंगे।

गौरतलब हो सल्वाडोर मध्य अमेरिका का सबसे छोटा देश है और सबसे ज्यादा सघन आबादी वाला देश। गरीबी का आलम यह है कि देश की एक चौथाई आबादी 2$ से भी कम पैसे में गुजर-बसर करती है।

तो मुख्य मुद्दा था किसी तरह अमेरिका में जाकर जीना, लेकिन अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नियम कायदों में भीषण बदलाव किए हैं। जिसमें शरणार्थी पॉलिसी भी है। अमेरिका ने अपने असायलम पॉलिसी के कानूनों में ज्यादा सख्ती बरतने से शरणार्थियों को दो से चार महीने तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।

मानवता का सबसे दर्दनाक रूप
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और यही स्थिति ऑस्कर परिवार के साथ हुई

अप्रैल माह में पूरा परिवार पिता, बेटी ,और माँ, अमेरिका के लिए निकले। दो माह के अंदर अमेरिका की सरहद पर पहुंच कर देखा कि यहां हमसे पहले से हजारों लोग जमा है। ऑस्कर ने दूसरा रास्ता चुना। वह किसी भी तरीके से अमेरिका में घुसने की जुगत लगाने लगा।

सीमा के पास बहने वाली नदी को पार करके जाने की कोशिश की, पहली बार में पिता ने बेटी को उस पार पहुंचाया, और पत्नी को इस पार लाने के लिए वापस आया। नदी में आधी दूरी आने पर देखा कि 23 माह की बेटी, उसकी तरफ अकेलेपन से डर खाकर आ रही है। वह पानी में उतरी ही थी कि पिता ने बचाने के लिए वापस तैरना शुरू किया होगा। और बेटी नदी के तेज बहाव में बहने लगी, बच्ची को बचाने के लिए ऑस्कर ने बेटी की तरफ तैराकी की, दोनों ने एक दूसरे को पकड़ भी लिया। लेकिन आखिर में नदी उन्हें बहाकर ले गयी और तट पर दोनों की लाशें पायी गयी। गौरतलब हो पिता ऑस्कर अल्बर्टो की उम्र इस वक्त मात्र 25 साल थी।

अलान कुर्दी
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आज मानवता के सामने कुछ सवाल है ......

लेकिन यही सवाल आज से कुछ समय पहले अलान कुर्दी (उम्र कुछ भी नहीं, शायद 12 महीने के आस पास) नीली पेंट , मेहरून शर्ट याद आया ना, तुर्की का बच्चा सीरियाई गृहयुद्ध से बचकर ग्रीस जाने के चक्कर में नाव दुर्घटना के कारण मौत का शिकार हो गया था।

उस समय भी तश्वीर सब जगह फैली थी। सब ने आंसू बहाए। जिम्मेदारों को कोसा गया था, लेकिन आज फिर 23 माह की बच्ची ने अपना दम मानवता को लेकर तोड़ दिया।

शायद उसे इस सरहदी, जालिम, और क्रूर दुनिया में रहना पसंद ही नहीं था।

"जरा सोच कर देखिएगा, एक बच्ची जब बाप के गले लगकर मरी होगी, बाप की जान तभी गयी होगी"