उदय बुलेटिन
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विदेश

अमेरिका, चीन ट्रेड वॉर: अमेरिका के इस फैसले से भारत को होगा 1 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान जानिए कैसे ?

अमेरिका और चीन के बीच शुरू हुए ट्रेड वॉर के कारण एक बार फिर भारत पिसता हुआ दिख रहा है।

Anuj Kumar

Anuj Kumar

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद को पत्र लिखकर कहा है कि भारत अमेरिका के प्रोडक्ट पर बहुत ज्यादा टैक्स लगा रहा है। लिहाजा हम भारत को अगले 60 दिन के अंदर जीएसपी (Generalized System of Preferences) से बाहर कर देंगे। अगर अमेरीका की ट्रंप सरकार ऐसा करती है, तो भारत को करोड़ों का नुकसान होगा। एक आकंड़े के अनुसार भारत को 1 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान होगा। लेकिन अब सवाल उठता है कि अमेरिका ऐसा क्यों कर रहा है। और ये जीएसपी क्या है ?

हाल ही के दिनों में अमेरिका और चीन के बीच चल रही ट्रेड वॉर इसकी सबसे बड़ी वजह है। चीन और अमेरिका दोनों ही अपने माल को दूसरे देशों में ज्यादा से ज्यादा बेचना चाहते हैं। अमेरिका इसके लिए भारत में ज्यादा से ज्यादा माल बेचना चाहता है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपना बाजार अमेरिकी कंपनियों के लिए ज्यादा से ज्यादा खोले और अमेरिकी माल पर टैक्स घटाए। यानी दूध और चिकन से बनने वाले प्रोडक्ट के लिए बाजार खोले। मोदी सरकार ने इस बारे में अमेरिका को प्रस्ताव भी भेजा लेकिन उसका कुछ खास असर देखने को नहीं मिला।

जानकारों का मानना है कि अमेरिकी सरकार ये सब अपने फार्मर सेक्टर के दवाब में कर रही है। दरअसल, अमेरिका में उत्पाद हुई चीजों को ट्रंप सरकार भारत में बेचना चाहती है। लेकिन इसके लिए मोदी सरकार तैयार नहीं है। बात केवल इतनी सी भी नहीं ई कॉमर्स कंपनियां यानी ऑनलाइन प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनियां भी भारत की पॉलिसी से नाराज है। मसलन, अमेज़न जैसी कंपनियों पर भारत सरकार ने उनके खुद के बनाए हुए प्रोडक्ट का केवल 25 फीसदी ही भेजने की परमिशन दी है। बाकी के 75 फीसदी भारत में बने प्रोडक्ट बिकेंगे। इस वजह से भी अमेरिकी कंपनियां नाराज है। इसके अलावा भारत में फेसबुक और ट्वीटर ऐसे सोशल नेटवर्किंग साइट से कलेक्ट हुई डेटा का स्टोरेज भारत में ही हो ऐसा मोदी सरकार चाहती है लेकिन अमेरिका चाहता है कि ये सारा स्टोरेज अमेरिका में हो।

भारत के इस रवैये से अमेरिका परेशान है। और वो अब जीएसपी लिस्ट से भारत को हटाना चाहता है।

जीएसपी क्या है

1976 में अमेरिका ब्रिटेन जैसे देशों ने मिलकर एक लिस्ट बनाई थी। इस लिस्ट में उन देशों का नाम था जो विकासशील देश है। भारत का नाम भी इस लिस्ट में है। जीएसपी के जरिए ये तय हुआ कि भारत में कुछ चीजे बनाई जाए जिसे अमेरिका में बेचा जाएगा। और अमेरिका इसमें कस्टम ड्यूटी नहीं लगाएगा। इससे विकासशील देशों को व्यापार करने और आर्थिक स्तर पर मजबूती भी मिलेगी। लेकिन अब अमेरिका का दावा है कि भारत से निर्यात करने पर उसे व्यापार में घाटा हो रहा है। भारत के साथ-साथ टर्की को भी जीएसपी से निकाला जाएगा।