उदय बुलेटिन
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फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुअल मैक्रॉन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुअल मैक्रॉन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प|IANS
विदेश

प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के 100 साल पर नेताओं की जमघट  

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने प्रथम विश्वयुद्ध में मारे गए भारतीय सैनिकों को नमन किया  

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

पेरिस : प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के 100 साल पूरे होने पर विश्व के दर्जनों नेता फ्रांस में रविवार को होने वाले एक औपचारिक समारोह में शिरकत करेंगे और 1914 से 1918 के बीच अपनी जान गंवा चुके लोगों को याद करेंगे। सीएनएन के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों रविवार सुबह अज्ञात सैनिक की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ अंतर्राष्ट्रीय युद्धविराम दिवस स्मरणोत्सव का नेतृत्व किया। यह समाधि पेरिस में आर्क डी ट्रौम्फ के नीचे स्थित है।

मैक्रों ने यहां पहुंचे गणमान्य अतिथियों के सामने एक भाषण दिया। लाखों सैनिकों और नागरिकों ने इस युद्ध में जान गंवाई थी, जिसे ग्रेट वॉर के नाम से जाना जाने लगा। साथ ही इसमें लाखों लोग घायल भी हुए थे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप इस स्मरणोत्सव के लिए पेरिस में हैं। अमेरिका में भी इसे वेटरान्स डे के रूप में मनाया जा रहा है। प्रथम विश्व युद्ध में करीब 117,000 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।

इसके अलावा शाही परिवार, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे और जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रेंक वॉल्टर स्टीनमेयर भी वेस्टमिनस्टर अब्बे में नेशनल सर्विस ऑफ रिंबेंबरेंस में हिस्सा लेंगे।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, इस बीच ऑस्ट्रेलिया और हॉन्ग कॉन्ग में भी इस दिन के लिए समारोह चल रहे हैं।

आपको बता दें कि,भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रथम विश्वयुद्ध में लड़ चुके भारतीय सैनिकों को रविवार को श्रद्धांजलि दी है।उन्होंने कहा विश्व शांति के प्रति भारत की बचनबद्धता दोहराई और युद्ध रहित वातावरण बनाने संकल्प लिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पूर्वी अफ्रीका, पश्चिमी मोर्चे, गैलीपोली व खाड़ी, चेन्नई पर समुद्री हमले और फ्रांस के आसमान में कुबार्नी दे चुके भारतीय सैनिकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उनकी यादों ने हमें वैश्विक सुरक्षा और वैश्विक शांति के प्रति बचनबद्ध किया है।

मोदी ने कहा, "आज प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति के 100 वर्ष पूरे होने पर हम विश्व शांति के प्रति अपनी बचनबद्धता दोहराते हैं और सद्भाव व भाईचारे का माहौल बनाने के लिए कार्य करने का संकल्प लेते हैं, ताकि फिर से युद्ध के कारण मौतें और तबाही न हो।"

प्रथम विश्व युद्ध 28 जुलाई, 1914 से 11 नवंबर, 1918 तक चला था।