प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 
प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह |Google
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पांच कारण जो राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीशगढ़ में (BJP) भारतीय जनता पार्टी की हार का कारण बने 

तेलंगाना, मिजोरम, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस ने कड़ी शिकस्त दी है , इन सभी राज्यों में भाजपा की हार हुई है। 

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव का नतीजा आ चुका है। भारतीय जनता पार्टी इन सभी राज्यों में हार चुकी है। हार की जिम्मेवारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ली है। हिंदी भाषी राज्य राजस्थान, छत्तीशगढ़ और मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की यह हार काफी मायने रखती है। हार के बाद बीजेपी अपनी खामियों को ढूंढ कर सुधारने की कोशिश करेगी, क्योंकि 2019 में लोकसभा चुनाव है, विधानसभा चुनाव में हार भाजपा के उत्साह को कम कर सकता है, वहीं 2019 के महामुकाबले के लिए कांग्रेस के मनोबल को बढ़ाता है।

तो जाहिर सी बात है चुनाव बाद बीजेपी आत्मचिंतन और मंथन करगी, उन खामियों को सुधारने की कोशिश करेगी जिनकी वजह से पार्टी को इतनी बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। इन राज्यों में बीजेपी पिछले एक दशक के लम्बे समय से राज कर रही थी और एक ही झटके में तीन बड़े राज्य बीजेपी की पकड़ से बाहर हो गए। पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह कम हुआ सो अलग। विधानसभा चुनाव में न 'ब्रांड मोदी' काम आया न चाणक्य 'अमित शाह' हिंदुत्व के रक्षक 'योगी आदित्यनाथ' का जादू भी वोटरों को लुभाने में असफल रहा।

पांच कारण जिनकी वजह से हारी भारतीय जनता पार्टी

  1. प्रधानमंत्री मोदी के गृहराज्य गुजरात में विधानसभा चुनाव के दौरान नोटबंदी और जीएसटी का मुद्दा उठा था, लेकिन चुनाव के अंतिम समय में प्रधानमंत्री द्वारा अपने गृहराज्य गुजरात में की गई जनसभाओं ने गुजरात चुनाव की दिशा बदल दी। अगर चुनावी नतीजों पर गौर करें तो इसबार भी नोटबंदी, जीएसटी से बीजेपी को सबसे ज्यादा झटका लगा है। बीजेपी को शहरी क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ। बता दें कि मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की सीटों में भाजपा को 54 फीसद और राजस्थान में 41 फीसदी का नुकसान झेलना पड़ा।
  2. बीजेपी सरकार द्वारा किसान हित में चलाई गई योजना 'भवान्तर' से मध्यप्रदेश और राजस्थान के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। भाजपा से किसानों का मोहभंग से भी इन चुनावों में काफी असर डाला है।
  3. भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में जाट समुदाय से दूरी बना ली। राजस्थान में भाजपा को जाट बहुल सीटों की 58 फीसदी कम आई है।
  4. राजस्थान में मानवेन्द्र सिंह का बीजेपी छोड़ना। मानवेन्द्र सिंह का गुर्जर समुदाय में अच्छी पकड़ है , मानवेन्द्र बीजेपी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए, जिसकी वजह से बीजेपी को गुर्जर समुदाय बहुल सीटों में 61 फीसदी कमी हुई है। वहीं कांग्रेस नेता सचिन पायलट का असर भी बीजेपी के लिए हार का कारण बना।
  5. पार्टी नेताओं की बेतुकी बयानबाजी, और रोजगार राज्य की सबसे बड़ी समस्या होने के बावजूद समाधान नहीं निकाल पाना, किसानों का सरकार के प्रति रोष, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण नहीं हो पाना।

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उदय बुलेटिन
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