Uday Bulletin
www.udaybulletin.com
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खंडू एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए। 
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खंडू एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए। |IANS
इलेक्शन बुलेटिन

रमन सिंह को है चौथी बार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री चुने जाने का भरोसा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का दावा ‘‘सत्ता के पक्ष में’’ है लहर, चौथी बार बनेगें मुख्यमंत्री। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

रायपुर : चौथी बार छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री चुने जाने का भरोसा जता रहे रमन सिंह ने कहा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों पर राज्य विधानसभा चुनाव का कुछ असर पड़ सकता है लेकिन इसे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए किसी जनमत संग्रह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

पिछले 15 साल से छत्तीसगढ़ की कुर्सी पर काबिज सिंह ने इन संभावनाओं को खारिज किया कि राज्य में कृषि कर्ज माफी के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वादे का आगामी विधानसभा चुनावों पर कोई असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां किसानों को पहले ही शून्य ब्याज दर पर कर्ज दिया गया है।

अस्सी के दशक में राजनीति में आने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर रहे 66 वर्षीय सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनकी सरकार ने कृषि के क्षेत्र में जो काम किया है उसके और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते राज्य में ‘‘सत्ता के पक्ष में’’ लहर है।

विपक्षी पार्टियों का कहना है कि लगातार तीसरा कार्यकाल पूरा कर रहे सिंह के खिलाफ जोरदार सत्ता विरोधी लहर है।

Also read: विधानसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ में 62 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होगा। 12 नवंबर को पहले चरण में छत्तीसगढ़ विधानसभा की 18 सीटों पर मतदान होगा जिनमें सिंह का राजनंदगांव निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल है जबकि राज्य में शेष 72 सीटों पर 20 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा। सभी 90 सीटों पर मतगणना 11 दिसंबर को होगी। उसी दिन चार अन्य राज्यों मध्य प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान और मिजोरम में मतदान होगा।

भाजपा की जीत पर भरोसा जताते हुए सिंह ने कहा कि राज्य के चुनावों का अगले साल के लोकसभा चुनाव पर ‘‘थोड़ा असर’’ पड़ सकता है।

साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के चुनावों को मोदी सरकार के जनमत संग्रह के तौर पर नहीं देखना जाना चाहिए।

नक्सल हिंसा को लेकर विपक्षी नेता अपनी चुनावी रैलियों में रमन सिंह सरकार पर सुरक्षा के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं।

सिंह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के लिए गुस्सा अब भी है और अगर वह फिर से सत्ता में आते हैं तो क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी।

भाषा