अशोक गहलोत, राहुल गांधी और सचिन पायलट
अशोक गहलोत, राहुल गांधी और सचिन पायलट|Google
इलेक्शन बुलेटिन

Election Result 2018: 5:30 घंटे चली बैठक, पर नहीं हुआ फैसला, ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’, अंतिम फैसला राहुल लेगें 

राजस्थान विधानसभा चुनाव तो कांग्रेस जीत गई है लेकिन राज्य का मुख्यमंत्री किसे बनाया जाये इसे लेकर अभी तक राजस्थान में सस्पेंस बना हुआ है।

AKANKSHA MISHRA

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राजस्थान विधानसभा चुनाव तो कांग्रेस जीत गई है लेकिन राज्य का मुख्यमंत्री किसे बनाया जाये इसे लेकर अभी तक राजस्थान में सस्पेंस बना हुआ है। राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दोनों में से किसी एक को मुख्य मंत्री पद की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी, लेकिन 5: 30 घंटों तक चली नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक के बावजूद किसे मुख्यमंत्री बनाया जाये यह फैसला नहीं लिया जा सका।अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को यह फैसला लेना है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री बनेगा।

सचिन पायलट के समर्थक ने लिखी खूनी चिट्ठी

जयपुर में कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक जब रायशुमारी करने में व्यस्त थे उस दौरान जयपुर में कांग्रेस दफ्तर के बाहर पायलट और गहलोत समर्थकों के बीच जबरदस्त नारेबाजी चल रही थी। इस बीच सचिन पायलट के एक समर्थक ने अपने खून से चिट्ठी लिखी है कि राज्य में 21 सीटों से उठाकर पार्टी को सत्ता में लाने वाले युवा नेता पायलट को राज्य का मुख्य मंत्री बनाया जाये। हालांकि पार्टी महासचिव अशोक गहलोत ने एक लाइन का प्रस्ताव रखा कि सीएम का फैसला कांग्रेस आलाकमान का होगा। वहीं सचिन पायलट और सीपी जोशी ने भी गहलोत के प्रस्ताव का समर्थन किया है।

जमीन से जुड़े है अशोक गहलोत

राजस्थान में अशोक गहलोत को 'राजनीत का जादूगर' माना जाता है। उनका जन समर्थन और अनुभव उन्हें मुख्यमंत्री पद के योग्य बनता है। पार्टी दफ्तर में जब मुख्यमंत्री पद पर चर्चा चल रही थी उस दौरान गहलोह के समर्थक नारेबाजी में लगे थे।

मुख्यमंत्री का आखिरी फैसला पार्टी आलाकमान करेंगे

जयपुर में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक जरूर हुई, लेकिन सचिन पायलट या अशोक गहलोत में से किसी एक नाम पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई और अंतिम फैसले की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर छोड़ दी गई।

आपको बता दें कि सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनों ने ही मुख्यमंत्री का फैसला लेने के लिए पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया है। उम्मीद जताई जा रही थी की आज बुधवार विधायक दलों की बैठक के बाद यह साफ हो जायेगा कि राजस्थान में 'मुख्यमंत्री कौन होगा?' हालांकि बैठक में आम सहमती नहीं बन सकी। अब यह फैसला पार्टी आलाकमान को लेना है। सूत्रों की मानें तो दो तिहाई विधायक सचिन के साथ हैं और बैठक में सचिन-सचिन के नारे भी लगे हैं।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कहा, ‘हमने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा को हरा दिया है... मुख्यमंत्रियों (के चयन) को लेकर कोई मुद्दा नहीं होगा। यह सुगमता से किया जाएग। '' दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष से यह पूछा गया था कि हिन्दी पट्टी के इन तीन राज्यों में पार्टी के मुख्यमंत्री कौन-कौन होंगे, जिसके जवाब में राहुल ने यह बात कही।

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उदय बुलेटिन
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