उदय बुलेटिन
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Loksabha Election: राहुल गांधी Vs नरेंद्र मोदी
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Loksabha Election: राहुल गांधी Vs नरेंद्र मोदी - तू डाल-डाल, तो मैं पात-पात 

Loksabha Election 2019: लोकसभा चुनाव जीतने के लिए राहुल गांधी या प्रधानमंत्री मोदी किसका मास्टरस्ट्रोक बेहतर ?

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी बेहद संवेदनशील व्यक्ति है। हर बात पर भावुक हो जाते हैं, देश सुरक्षा, गरीबी, हिंसा उन्हें बर्दास्त नहीं, ये सब देखकर उनकी आंखों में पानी आ जाता है। सच्चे देश भक्त नरेंद मोदी अगर आज भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते तो शायद आज भारत, पाकिस्तान का गुलाम बन गया होता। विदेशों में रहने वाले हमारे भारतीय भाई-बंधू वापस भारत लौट आये होते। हमारी सेना जिनपर हमें गर्व है, आज पाकिस्तानी जेलों में कैद होती। अंग्रेजों की तरह देश को लूट कर भागने वाला नीरव मोदी और विजय माल्या भारत में ही होता। देश में बेरोजगारी मुद्दा नहीं होती। इंसानों से ज्यादा जानवरों के जान की कीमत न होती, पुलवामा, उरी, पठानकोट जैसे हमले न होते, ‘उरी-द सर्जिकल स्ट्राइक’ फिल्म न बनी होती। वो तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए, वरना क्या होता। मोदी हैं, जो ये सब नामुमकिन है।

वहीं दूसरी तरफ नौसिखए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, जो ताजा ताजा राजनीति में उतरे हैं, उन्हें न तो देश की समझ हैं और न राजनीति कि, ऐसा बीजेपी कहती है। अगर कांग्रेस में परिवारवाद का बोलबाला न होता तो शायद राहुल गांधी को इस पद तक पहुंचने में दोबारा जन्म लेना पड़ता और लोग उनकी तुलना प्रधानमंत्री मोदी से करते हैं। क्या दिया कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश को, हालांकि वो पिछले साल ही कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं। लेकिन ठीक है, हम ये सवाल उन्हें पूछ सकते हैं, क्योंकि हमारे देश में रीत है, बाप का कर्जा बेटा चुकता करता है , अगर बेटा कर्जा चुकता न कर पाए तो बेटी प्रियंका गाँधी वाड्रा को भी आना पड़ता है।

लोकसभा चुनाव नजदीक है, कांग्रेस-बीजेपी दोनों अपनी जमीन बचाने में लगी है। बीजेपी बीते 5 साल में कमाई सत्ता को गंवाना नहीं चाहती है, कुर्सी चीज़ ही ऐसी है, एक बार मिल जाये तो कोई क्यों छोड़े और कांग्रेस अपनी 50 सालों की मेहनत से कमाई राजशाही ठाठ-बाट के बिना रह नहीं सकती। इसलिए कुर्सी की जरुरत दोनों ही पार्टियों को है। राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी दोनों अपने अपने तरिके से दांव खेलने में लगे हैं। देश का मिजाज भी नरेंद्र मोदी की तरफ दिख रहा है और दिखे भी क्यों न प्रधानमंत्री को प्रचार मंत्री का तमगा जो मिला है।

बीजेपी ने अपने 5 सालों में कुछ किया हो या न किया हो, लेकिन पार्टी का प्रचार तो जम कर किया है। प्रधानमंत्री मोदी पूरे कार्यकाल के दौरान इलेक्शन मोड में दिखे, जैसे कि कल ही चुनाव हो। मोदी के पोस्टर से देश का कोई भी कोना अछूता नहीं रहा। रेल, प्लेन, बस, पार्किंग या शादी का कार्ड हर जगह मोदी छाए रहे। वो तो अच्छा हुआ कि लोग ऑनलाइन टिकट बुक करने लगे वरना लोगों के घर में खुद की कम मोदी जी की तस्वीरें ज्यादा होती।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अंतिम बजट सत्र के दौरान घोषणा कि, देश के 12 करोड़ गरीब किसान परिवार को उनकी सरकार हर साल बिना कुछ किये 6000 हज़ार रुपये देगी। जिसके लिए मोदी जी ने 75000 करोड़ रूपये की पहली राशि जारी भी कर दी। 6000 रूपये राशि 3 किस्तों में दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी की इस फिजूल योजना को राहुल ने जबरदस्त समर्थन किया। जैसे ये कांग्रेस की योजना हो और इससे आगे बढ़ते हुए उन्होंने इससे भी बड़ी फिजूल योजना की घोषणा कर दी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल यानी 25 मार्च को न्याय (न्यूनतम आय गारंटी योजना) की घोषणा कर दी है। जिसके तहत अगर कोंग्रस सत्ता में आती है तो देश के सबसे गरीब 20 फीसदी लोगों को साढ़े तीन लाख करोड़ रूपये की मिनिमम आय सरकार सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी। राहुल गांधी ने कहा कि इस योजना से 5 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा और 25 करोड़ लोग इसके लाभार्थी बनेगे। राहुल गांधी की इस घोषणा के बाद मेरे मन में कुछ सवाल उठ रहे है-

  • क्या इन योजनाओं के लिए फिर से बैंक अकाउंट खुलवाने होंगे ?
  • कांग्रेस साढ़े तीन लाख करोड़ रूपये कहाँ से ला रही है ?
  • क्या एक गरीब परिवार में सिर्फ पांच लोग होते हैं ?
  • सरकार टैक्स पेयर्स का पैसा फ्री में क्यों बाँटना चाहती है ?
  • क्या मनरेगा की तरह यह योजना भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगी ?

राहुल गांधी कि इस योजना से देशभक्त और गरीबों के देवता केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली बड़े दुखी नज़र आये उन्होंने कहा - गरीबों को नारे दो, कांग्रेस ने हमेशा से यहीं किया है। 1971 में इंदिरा गांधी ने कहा था, गरीबी हटाओ, अब राहुल कह रहे हैं- गरीबी हटाओ। कांग्रेस सिर्फ नारे देती है। लेकिन बात थोड़ी अजीब है, हम 1947 और 1971 की बात न करते हुए वर्तमान में रहते हैं । क्योंकि राहुल गांधी वर्तमान में कांग्रेस अध्यक्ष है, और बीजेपी वर्तमान समय में सत्ता पर काबिज है तो फ़िलहाल देश के सबसे चर्चित नारे बीजेपी सरकार की देन है। जैसे--

  • अच्छे दिन आएंगे --- पता नहीं कब
  • हर हर मोदी -घर घर मोदी ---- हर हर गंगे
  • अबकी बार मोदी सरकार ---- माफ़ करो
  • मैं भी चौकीदार ----- चौकीदार के रोजगार पर खतरा

लोकसभा चुनाव नजदीक है इसलिए पार्टियां घोषणा और प्रचार का नारियल जगह जगह पर फोड़ रही है। जनता से अनुरोध है किसी लालच में न फंसे। जरुरी मुद्दे छोड़ कर राजनीतिक पार्टियां हर बार की तरह इस बार भी जात-पात का कार्ड खेलेंगी और इसबार तो देशभक्ति कार्ड भी है। जिसका मालिकाना हक़ बीजेपी के पास है। एक तरफ कांग्रेस है जिसने 50 सालों में देश को कहां से कहां तक पहुंचा दिया और दूसरी तरफ बीजेपी का भारत जो हम देख रहे है। अंधो में काना राजा चुनने की परंपरा भी पुराणी है। इसलिए सोच समझ का चुनाव करें।

बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी मुखिया हैं तो कांग्रेस में सब मालिक है। दोनों पार्टियों में आयाराम और गयाराम चरम पर हैं। कौन सा उम्मीदवार बेहतर है ? या कोई उम्मीदवार बेहतर है यह अपने आप में बड़ा सवाल है ?

खैर, आपका वोट बहुमूल्य है, मतदान जरूर करें।