खत्म हुए फर्जी मतदान के दिन, चुनाव आयोग ने पहली बार शुरू किया QR code कोड बेस्ड वोटिंग

डिजिटल इंडिया में रह रहे लोगों के लिए चुनाव आयोग ने भी मतदान प्रक्रिया में एक नया प्रयोग किया है जो कि QR code बेस्ड वोटिंग है, अब देखना ये है कि यह किस हद तक सफल हो पाता है।
खत्म हुए फर्जी मतदान के दिन, चुनाव आयोग ने पहली बार शुरू किया QR code कोड बेस्ड वोटिंग
Election commissionGoogle

हम सभी भारतवासी यहां के नागरिक होने का फर्ज चुनाव के दौरान अपना कीमती वोट सरकार को देकर निभाते हैं। लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने अपनी प्रणाली में कुछ नए तरीके को अपनाया है। दरअसल इस बार चुनाव आयोग ने वोटिंग को QR कोड बेस्ड बनाने का प्रयास किया है, जिसे आप आमभाषा में 'बारकोड' भी कह सकते हैं। पहली बार इसका इस्तेमाल हमीरपुर के उपचुनाव में किया गया है, जहां इसके जरिये 5 बूथों पर उपचुनाव संपन्न हुए हैं।

कैसे करता है काम

सबसे पहले तो आपको बता दें कि सभी मतदाताओं की पर्चियों पर उनके नाम व तस्वीर के ऊपर एक QR कोड बना होगा। जिसे वोटर अपने साथ वोट देने बूथ पर लेकर आएंगे। वहीं चुनाव आयोग ने हर बूथ पर BLO को उनके मोबाइल में एक ऐप भी इनस्टॉल कराया गया है जिसका नाम 'बूथ ऐप' है। इस ऐप के जरिये वोट देने आए व्यक्ति की जानकारी जैसे ही उसके पहचान पत्र पर बने QR कोड को अधिकारी स्कैन करेंगे तो उसे वो वेरीफाई कर देगा। इस प्रक्रिया को पूरी करने के बाद ही मतदाता वोट दे सकता है। दरअसल इस ऐप के जरिये वेरीफाई करने से एक फायदा यह भी होता है कि अगर कोई मतदाता एक से ज्यादा जगह इनरोल रहता है तो वो भी सामने आ जाता है।

Election commission
Election commissionGoogle

क्या होंगे फायदे

पहली बार इस नई तकनीक के जरिये वोट कराने से चुनाव आयोग को कई तरह के फायदे होने वाले हैं।

इस ऐप में सभी मतदाताओं के डिटेल फीड किए गए हैं, ऐसे में अगर कोई मतदाता का QR कोड किसी भी वजह से क्लीयर नहीं शो करता है तो मतदाता का नाम उस ऐप में डालते ही सारी जानकारी सामने आ जायेगी। इस प्रक्रिया के बाद सभी जानकारी को सही पाए जाने पर BLO द्वारा उसे प्रमाणित किया जाएगा तब जाकर वोटर अपना वोट डाल सकेंगे।

कोई भी मतदाता एक बार के बाद दुबारा वोट नहीं डाल सकेगा, क्योंकि अगर वो किसी बूथ पर अपना वोट डाल चुका है और दुबारा से वोट डालने आया है तो ऐप में उसके QR कोड स्कैन करते ही, या उसका नाम डालते ही Already voted बताएगा। ऐसे में डुप्लीकेसी पर अब आसानी से रोक लगाई जा सकती है।

इसके अलावा आपको बता दें कि मतदान करने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी, जिससे न सिर्फ चुनाव आयोग बल्कि मतदान करने आए मतदाताओं का भी समय बचेगा।

चुनाव आयोग का ऐसा करने के पीछे कारण है कि लोगों को वोटिंग के दौरान तमाम परेशानियों से छुटकारा मिल सके और ज्यादा से ज्यादा युवा वोटिंग के लिए आकर्षित हो सके। खास बात तो यह है कि अगर चुनाव आयोग द्वारा किया गया ये छोटा-सा प्रयोग सफल होता है तो यह QR कोड का प्रोजेक्ट देशभर के मतदान में लागू हो सकता है। जो कि लोगों की परेशानियों खत्म करने के साथ-साथ चुनाव आयोग के लिए भी यह सुविधाजनक रहेगी और वोटों की धांधली जैसी समस्याओं से भी बचा जाएगा।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

No stories found.
उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com