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मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव|Google
इलेक्शन बुलेटिन

मध्यप्रदेश: बीजेपी और कांग्रेस के घोषणा पत्र की खास बातें, जाहिर करती हैं मध्यप्रदेश में किसकी जीत होगी 

दोनों ही पार्टीयों ने की किसानों को लुभाने की कोशिश, बीजेपी जहां लड़कियों को स्कूटी देने का वादा कर रही है तो कांग्रेस लड़कियों को मुफ्त शिक्षा देगी।  

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

भोपाल: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान बीते 28 नवंबर को संपन्न हुआ। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अब चुनावी नतीजे की ताक में हैं। सभी राज्यों में परिणाम 11 दिसंबर को आयेगें। नेताजी चुनाव से फुर्सत होते ही कॉफी हाउस में चाय की चुस्की ले रहे है, और मंदिर-मंदिर घूमकर भगवान से अपने जीत की कामना कर रहे हैं, फोन पर पोलिंग बूथ की फीडबैक भी ले रहे है। इस बार मध्यप्रदेश में 80% से ज्यादा मतदान हुए हैं। ज्यादा मतदान होने से बदलाव की गुंजाइश रही है। मध्यप्रदेश का इतिहास रहा है जिन जिन सीटों पर ज्यादा मतदान हुआ है वहां वर्तमान सरकार के विपक्ष में वोट अधिक हुए है।

2013 में 28 सीटों पर 80 फीसदी से अधिक मतदान हुए थे, जिनमें 19 विधायकों को निराशा हाथ लगी थी। इस बार 66 सीटों पर 80 फीसदी से अधिक वोट पड़े है। नतीजे का इन्तिज़ार है।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने 'नरम हिंदुत्व' के चेहरे को अपनाया है, भगवान राम, नर्मदा नदी ,राम पथ निर्माण और गौ मूत्र जैसे मुद्दे को उठाते हुए अपनी छवि बदलने की कोशिश की है। लेकिन कांग्रेस नेता कमलनाथ द्वारा मुसलमानों पर दिए गए विवादित बयान के वायरल होने से कुछ नुकसान तो जरूर हुआ है।

वहीं बीजेपी की बात करें तो उसे पूर्ण हिंदुत्व पार्टी होने का तमगा प्राप्त है। बीजेपी के इस बार मुस्लिमों को लेकर कोई वादा नहीं किया गया है। हालांकि राम मंदिर निर्माण को लेकर बढ़ते विवाद से बीजेपी को नुकसान होगा।

कांग्रेस के घोषणा पत्र की खाश बातें

  • कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र "वाचन पत्र" ने नाम से जारी किया है। जिसे मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, राज्य अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उपस्थिति में एक प्रेस बैठक में जारी किया गया था।
  • घोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी की ओर से महिला शिक्षा को पूरी तरह से मुफ्त, बीपीएल परिवारों को एक रुपये प्रतिकिलो गेहूं और बुजुर्ग किसानों को पेंशन देने का वादा किया गया है।
  • 112 पेज के इस घोषणापत्र में वादा दिया गया है की राज्य में "अध्यात्मिक विभाग" की स्थापना होगी, साथ ही साथ संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने की योजना भी बनाइए जाएगी।
  • कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में "राम पथ" विकसित करने की बात कही है।
  • 10 दिन के किसानों का कर्ज माफ, युवाओं को लुभाने के लिए 3500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मुफ्त में सरकारी बस सेवा।
  • नर्मदा नदी संरक्षण के लिए कई उपाय बताये है। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि 1,100 करोड़ रुपये की लागत से नदी के साथ धार्मिक स्थानों को विकसित करेगा, इसके अलावा इसके संरक्षण के लिए "मा नर्मदा न्यास अध्यायन" को लागू किया जायेगा। नर्मदा किनारे पर्यटकों के लिए गेस्ट हॉउस बनाये जायेगें।
  • अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं को 12वीं में 75 फीसद अंक आने पर 500 रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जायेगा।
  • किसानों को सस्ते दर पर कर्ज, किसानों के लिए फसल बीमा, खेती के लिए आसान दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। न्यूनतम मजदूरी दर को महंगाई के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
  • हर गरीब परिवार को बिजली मुहैया कराई जाएगी।

बीजेपी के घोषणा पत्र की खाश बातें

  • गरीबों के कल्याण के लिये संबंल जैसी योजना के माध्यम से हर गरीब परिवार को पक्का मकान दिया जाएगा।
  • हर गरीब परिवार को बिजली मुहैया कराई जाएगी।
  • बैगा व भरिया महिलाओं को 1000 रुपये का भत्ता दिया जायेगा।
  • जिस अनुपात में बड़े किसान को लाभ देते हैं उसी अनुपात में छोटे किसानों को भी लाभ दिया जायेगा।
  • मूल्य स्थिरीकरण कोष की रकम 500 से बढ़ाकर 2000 करोड़ रूपये की जाएगी।
  • नर्मदा एक्सप्रेस वे और चंबल एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा।
  • कर्मचारियों के लिए नया वेतनमान निर्धारित किया जायेगा।
  • बिजली का उत्पादन बढ़ाएंगे सौर उर्जा को 14000 मेगावाट तक बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
  • शहरों को बदलने में अगले 5 सालों में 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।
  • 12वीं में 75 परसेंट लाने वाली बच्चियों को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी।
  • राज्य में महिला ग्रामीण आईटी टीम बनाए जाएंगे।
  • हर साल दस लाख रोजगार देंगे और स्वरोजगार के अवसर पैदा करेंगे।
  • राज्य में कारीगर यूनिवर्सिटी और फूड प्रोसेसिंग यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी।