एक गोली से बदला दिल्ली चुनाव का माहौल, कपिल गुर्जर की बुलेट ने आप का बैलेट कम कर दिया? 

अगर जांच में यह साबित होत है कि शाहीन बाग के आंदोलन को भड़काने में आम आदमी पार्टी का हाँथ है तो मामले की दशा और दिशा में परिवर्तन हो सकता है। 
एक गोली से बदला दिल्ली चुनाव का माहौल, कपिल गुर्जर की बुलेट ने आप का बैलेट कम कर दिया? 
Kapil Gujjar AAP connection Google

CAA के खिलाफ प्रदर्शन का केंद्र बने शाहीन बाग में हाल ही में कपिल गुज्जर नामक जिस युवक ने हवा में गोली चलाकर दशहत फैला दी थी, पुलिस सूत्रों से पता चला है कि उसके मोबाइल से कुछ ऐसे फोटो मिले हैं, जिसमें वह आम आदमी पार्टी (AAP) की सदस्यता ग्रहण करते हुए दिख रहा है।

डीसीपी ने जांच करके बताया कि कपिल का संबंध आम आदमी पार्टी से :

अगर क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव की बात सही है तो कपिल गुर्जर के मोबाइल और लैपटॉप से डाटा रिकवरी के बाद ऐसी जानकारी सामने आई है जिसमें कपिल ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। कपिल ने पुलिस पूंछताछ में यह खुलासा किया है सन 2019 के जनवरी-फरवरी में उसने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। जानकारों की माने तो कपिल गुर्जर के पिता भी आम आदमी पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं तथा आम आदमी पार्टी की सभी राजनैतिक क्रिया कलापों में खुल कर साथ देते है । पार्टी की बैठकों में भी उनकी तश्वीरें पायी गयी है।

भाजपा के प्रत्याशी कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी की रणनीति के बारे में ट्वीट किया है:

भाजपा हुई मुखर :

इस मामले को लेकर भाजपा अपने आक्रमक रूप में आ चुकी है। भाजपा के यूनियन मिनिस्टर प्रकाश जावेडकर ने कपिल गुर्जर की फोटो के ऊपर सीधे सीधे आम आदमी पार्टी और आप नेता संजय सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा की ये कोई आम तस्वीर नहीं है बल्कि ये एक सदस्यता मीटिंग की ली हुई तस्वीरें है जहाँ कपिल गुर्जर को बाकायदा सदस्यता दिलाई गई थी। वहीँ आप नेता कुछ तस्वीरों में कपिल गुर्जर को माला पहनाते हुए नजर आ रहे है ,इस तरह के बयानों और सुबूतों के बाद आम आदमी पार्टी बैकफुट पर पहुँच गयी है। आप ने इस मसले पर एक ही बयान दिया है कि उक्त व्यक्ति का आम आदमी पार्टी के साथ कोई संबंध नही है।

मामला भले ही कुछ हो, पर चुनाव में आम आदमी पार्टी को भुगतना पड़ सकता है:

जानकारों की माने तो जिन्न के माफिक निकली तस्वीरों के आने पर आम आदमी पार्टी को दिल्ली चुनाव में अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है, चूंकि मामला दिल्ली वालों की सुविधा और असुविधा से जुड़ा हुआ है, अगर ये जांच होती है कि सभी आरोप सही और जायज है तो जाहिर तौर पर दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी को सबक सिखा सकती है।

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उदय बुलेटिन
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