उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
EVM Tempering
EVM Tempering|Twitter
इलेक्शन बुलेटिन

Election Result 2018: तेलंगाना में कांग्रेस को हार नामंजूर, लगाया EVM छेड़छाड़ का आरोप, चुनाव आयोग को लिखा पत्र 

लोकसभा की सदस्य कविता ने कहा कि कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं थी क्योंकि टीआरएस सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों के दौरान सभी मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

तेलंगाना: तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना जारी है।प्राप्त सूचना के अनुसार 119 विधानसभा सीटों के चुनाव रुझान सामने हैं। जिसे देख कर साफ है कि टीआरएस पूर्ण बहुमत के साथ वापसी को तैयार है। टीआरएस को तेलंगाना में 80 सीटें मिले हैं। वही कांग्रेस के खाते में 23 सीटें गई है और बीजेपी को सिर्फ 3 सीटों में संतोष करना होगा।

तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति(टीआरएस) राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में जहां शानदार जीत की ओर बढ़ रही है, कांग्रेस ने मंगलवार को इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन(ईवीएम) में छेड़छाड़ की आशंका व्यक्त की है। कांग्रेस के राज्य प्रमुख उत्तम कुमार रेड्डी ने मांग करते हुए कहा कि वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल(वीवीपैट) की सौ प्रतिशत गिनती की जाए।

उन्होंने कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों से वीवीपैट की गिनती के संबंध में निर्वाचन अधिकारियों को पत्र देने के लिए कहा।

रजत कुमार के चुनाव आयोग में शिकायत करने के बाद टीआरएस सांसद के. कविता ने कहा कि 'हारने वाली पार्टी हमेशा कहती है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है, यह बिल्कुल झूठ है। यहां तक कि एक प्रेस बैठक में सीईसी ने कल कहा था कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करना संभव नहीं है। लोगों ने टीआरएस को जीत दी है, जो कांग्रेस दावा कर रही है वह झूठ है।'

सांसद के. कविता ने कहा, 'हमें तेलंगाना की जनता पर भरोसा है। हमने यहां पर गंभीरता से काम किया है और हमें दिए गए मौके का उपयोग किया। इसलिए हमें विश्वास हैं कि जनता हमें वापस सत्ता में लाएगी। हम इसके बारे में बहुत आश्वस्त हैं। ''

आपको बता दें कि, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता ने मंगलवार को कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं था कि पार्टी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बनी रहेगी। कविता ने कहा, "केसीआर की कड़ी मेहनत रंग लाई है।"

उन्होंने कहा कि इस विशाल जीत के बाद केसीआर अब कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों के विकल्प के तौर पर राष्ट्रीय राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगे।