उदय बुलेटिन
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राहुल गाँधी और प्रधानमंत्री मोदी  
राहुल गाँधी और प्रधानमंत्री मोदी  |Google
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विधानसभा चुनाव 2018: पांच राज्यों में किसकी सरकार, 11 दिसंबर को खत्म होगा इंतजार  

पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी दोनों की पार्टियों ने जमकर चुनाव प्रचार किया है, चुनावी नतीजे के बाद पता चलेगा किस पार्टी ने बेहतर जनसभाओं को संबोधित किया था। 

AKANKSHA MISHRA

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पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के परिणाम को बेसब्री से जानने की चाह न सिर्फ राजनीतिक पार्टियों को है, बल्कि आम जनता भी 11 दिसंबर के इंतिजार में बैठी है। पांच राज्यों के इस विधानसभा चुनाव को 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के सेमीफइनल के तौर पर आंका जा रहा है। आज राजस्थान और तेलंगाना में मतदान हुआ ,मध्य प्रदेश मिजोरम और छत्तीसगढ़ में पहले ही मतदान चूका है। सभी उम्मीदवारों की किस्मत अब EVM में कैद है। हालांकि दोनों ही पार्टियों ने चुनाव प्रचार में कोई मौका नहीं छोड़ है , लेकिन देखना ये है कि 2014 की तरह इस चुनाव में भी बीजेपी की लहर है या जनता बदलाव को चुनती है।

2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद कांग्रेस लगातार हार का सामना कर रही है। देखना ये भी दिलचस्प होगा कि कांग्रेस पटरी पर लौट रहे है या फिर भारतीय जनता पार्टी अपनी जीत का सिलसिला कायम रखती है। इस पांच राज्यों में प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी ने जैम कर रैलियां की हैं। पार्टी के प्रचार में जी-जान लगा दिया है। यहां तक की बीजेपी को प्रचार वाली पार्टी का तमगा मिल गया है। अब देखना ये है की इतनी रैलिया और प्रचार करने के बाद किस पार्टी ने अपने पक्ष में कितने वोट जुटाए हैं।

अगर पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई रैलियों पर नजर डालें तो पीएम मोदी ने करीब 32 रैलियां की हैं, तो वहीं राहुल गांधी ने 82 जनसभाओं को संबोधित किया है। राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री से 50 जनसभाएं अधिक की है। राहुल ने करीब दो महीनों के भीतर उन्होंने 82 जनसभाएं एवं सात रोड शो किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार 5 राज्यों में होने हो रहे विधानसभा चुनावों सबसे ज्यादा रैलियां राजस्थान में की है वहां उन्होंने 12 सभाओं को संबोधित किया। मध्यप्रदेश में 10, छत्तीसगढ़ में 4, तेलंगाना में 5 और मिजोरम में एक रैली को संबोधित किया।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की बात करें तो ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में 19-19 चुनावी सभाओं को संबोधित किया। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान में दो ओर छत्तीसगढ़ में एक रोड शो भी किया। गांधी ने तेलंगाना में 17 जनसभाएं करके कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे। और मिजोरम में दो सभाएं की।

बता दें कि मध्य प्रदेश में 230 सीटें, राजस्थान में 200 सीटें, छत्तीसगढ़ में 90, तेलंगाना में 119 में और मिजोरम में 40 सीटें हैं। यानी पांच राज्यों के कुल विधानसभा सीटों की संख्या 679 सीटें हैं।

रैलीयों के मामले में राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी से कहीं आगे निकल गए और प्रधानमंत्री की रैलीयों के मामले में से दोगुने से भी अधिक है। इन पांच राज्यों में कांग्रेस के लिए करो या मारो जैसे परिस्थिति है। यहीं वजह की राहुल ने ताबड़तोड़ रैलियां की हैं। अगर हम प्रधानमंत्री की अन्य चुनावी रैलियों को देखते हैं तो इस बार के विधानसभा चुनावी रैलियों में कमी थी। अगर हम गुजरात चुनाव से इसकी तुलना करें तो प्रधानमंत्री ने गुजरात के 182 विधानसभा सीटों के लिए 34 रैलियां की थी और इस बार 5 राज्यों में महज 32 रैलियां की है। हो सकता है बीजेपी इन राज्यों के लिए अपनी वापसी मान बैठी हो।

खैर जो भी हो, 11 दिसंबर को चुनाव के नतीजे आ जायेगें। हम भी जनता के साथ देखने बैठे हैं की इस बार कोई सी पार्टी बजी मरती है।