उदय बुलेटिन
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Oath Ceremony of PM Modi
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इलेक्शन बुलेटिन

मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में BIMSTEC का क्या काम, जानें वजह 

इस बार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत ने दिखा दी पाकिस्तान को औकात, सिर्फ BIMSTEC को दिया आमंत्रण। 

Puja Kumari

Puja Kumari

चुनावी प्रक्रिया खत्म होने के बाद अब पीएम मोदी के 30 मई को होने वाले शपथ ग्रहण (Oath Ceremony) समारोह को लेकर काफी चर्चाएं हो रही है। कई लोगों का कहना है कि प्रचंड बहुमत पाकर दोबारा से सत्ता में आने के कारण इस बार का शपथ समारोह काफी अलग होगा और यही वजह है कि ये मुद्दा हर तरफ उठा हुआ है। वैसे इस बार माननीय प्रधानमंत्री के शपथ समारोह में "बिम्सटेक" (BIMSTEC) को इन्वाइट किया गया है। अब कई लोगों के मन में ये सवाल आ रहा होगा कि आखिर बिम्सटेक (BIMSTEC) होता क्या है और पीएम के शपथ ग्रहण (Oath Ceremony) समारोह में इन्हें क्यों आमंत्रित किया गया ? तो आपके इन सभी सवालों का जवाब आगे है..

क्या है बिम्सटेक (BIMSTEC)

BIMSTEC
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सबसे पहले तो आप ये जान लें कि बिम्सटेक (BIMSTEC) का पूरा नाम " Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation" है। यह एक ऐसा संगठन है जिसमें केवल बंगाल की खाड़ी के पास वाले कई अंतरराष्ट्रीय देश सम्मिलित हैं, इसमें कुल सात देश भारत, भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं। गौर करने वाली बात है कि ये इस संगठन के सभी सदस्य भारत के पड़ोसी देश है जबकि पाकिस्तान पड़ोसी होने के बावजूद इस BIMSTEC में शामिल नहीं है।

अगर बिम्सटेक (BIMSTEC) के इतिहास पर एक नजर डाले तो जब इसका निर्माण किया गया था उस दौरान इसमें सिर्फ 4 राष्ट्र -बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और थाईलैंड ही शामिल थें लेकिन बाद में इस संगठन में म्यांमार, भूटान व नेपाल भी जुड़ गए। ये भी बता दें कि इसकी स्थापना साल 1997 में बैंकॉक डिक्लेरेशन ने की थी।

इस संगठन को बनाने का उद्देश्य सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने में ये सभी एकजुट होकर काम कर सके, सिर्फ इतना ही नही बल्कि इस संघठन का कार्य आर्थिक विकास में तेजी लाने के साथ साथ अन्य कई मुद्दों पर आपस में सामंजस्य स्थापित करना भी था। बिम्सटेक (BIMSTEC) व्यापार में निवेश के साथ-साथ कुल 14 अलग-अलग क्षेत्रों में जैसे तकनीक, उर्जा, परिवहन संचार, पर्यटन, कृषि आदि में काम करता है।

शपथ ग्रहण समारोह में क्या है BIMSTEC का काम

30 मई की शाम जब प्रधानमंत्री शपथ ले रहे होंगे तो उस दौरान विशेष अतिथि के रूप में BIMSTEC के सभी राष्ट्राध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। सबसे पहले तो इनको शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित कर भारत ने यह साफ कर दिया है कि वो किसी भी तरह से पाकिस्तान (Pakistan) को अपने अतिथि के रूप में स्वीकार नहीं करना चाहता। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब भारत पाकिस्तान को लेकर इस तरह का रवैया अपना रहा हो।

BIMSTEC in Oath Ceremony 
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विदेशी सलाहाकारों के अनुसार BIMSTEC देशों को न्यौता देकर भारत ने आसानी से पाकिस्तान से दूरी भी बना ली और अंतराष्ट्रीय तौर पर पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए कमर कसने की तैयारी भी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों की मानें तो भारत के लिए ये संगठन बेहद ही ज्यादा महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसके सभी सदस्य देश भारत के क़रीबी पड़ोसी हैं। इससे पहले भी कई बार भारत के विकास में इन देशों ने काफी सहयोग किया है और यही वजह है कि शपथ ग्रहण समारोह में इन्हे विशेष न्यौता देकर भारत जताना चाहता है कि यह सभी देश उसके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।