उदय बुलेटिन
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ऑपरेशन लोटस
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इलेक्शन बुलेटिन

कर्नाटक व मध्यप्रदेश में सरकार बनाने की बीजेपी ने कर ली तैयारी ! 

लोकसभा चुनाव में ‘ऑपरेशन लोटस’ की हो रही है चर्चा, लेकिन ऐसा क्यों ? 

Puja Kumari

Puja Kumari

बीते दिन लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) के परिणाम आ जाने के बाद राजनीतिक गलियारे में जहां एक तरफ खुशियां देखने को मिली वहीं दूसरी ओर मायूसी भी। पूर्ण बहुमत से एनडीए की सरकार ने एक बार फिर से केंद्र की सत्ता पर अपना कब्जा जमा लिया है। इतनी कड़ी चुनौतियों व विरोधियों के पूरजोर प्रयास करने के बावजूद भी भाजपा को बड़ी जीत हासिल हुई।

कुछ बुद्धजीवियों का कहना है कि भाजपा ने इस चुनाव का रूख बदलने के लिए 'ऑपरेशन लोटस' (Operation lotus) का प्रयोग किया है, हालांकि कई लोगों के लिए ये शब्द बिल्कुल नया होगा लेकिन जो लोग राजनीति में दिलचस्पी रखते हैं वो इससे वाकिफ होंगे। जिन लोगों को इसके बारे में नहीं पता है उन्हे ये जानना बेहद आवश्यक है कि 'ऑपरेशन लोटस' (Operation lotus) क्या है? और चुनाव में इसकी क्या भूमिका होती है ?

इन राज्यों में खिल सकता है कमल का फूल

कई लोगों को जीत पच नहीं रही है, क्योंकि पीएम मोदी (PM Modi) को पिछले बार की अपेक्षा इस बार और ज्यादा समर्थन मिला। पर बात करते हैं खासकर उन राज्यों की जहां लोकसभा के नतीजों का बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि इन 2 राज्यों में बेहद ही कम अंतर से कांग्रेस की सरकार चल रही है। पहला राज्य आता है मध्यप्रदेश (MP), 11 दिसंबर 2018 को मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव का परिणाम सामने आया था जिसमें 230 सीट में से कांग्रेस को 114 सीट मिली जो कि बहुमत के अनुसार 2 कम थी वहीं इस दौरान भाजपा को मिली थी 109 सीटें। जिसके बाद कांग्रेस 121 विधायकों के समर्थन से इस राज्य में सरकार बनाने में कामयाब हो गई थी।

हाल ही में कैलाश विजयवर्गीय का बयान भी आया था जिसमें उन्होने कहा था कि आने वाले समय में इस राज्य में भाजपा की सरकार ही बनेगी, वो जब भी चाहे ये सरकार गिरा सकते हैं। जिसके बाद कांग्रेसी नेता कमलनाथ ने भी भाजपा पर अपने विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया, उन्होने आगे कहा कि भाजपा हमारे दल के नेताओं को मुख्यमंत्री की कुर्सी का लालच देकर तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

ऑपरेशन लोटस
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वहीं दूसरा राज्य है कर्नाटक (Karnataka), जिसका सियासी मिजाज भी कुछ ऐसा ही है क्योंकि यहां भी प्रदेश में कांग्रेस व जेडीएस की गठबंधन वाली सरकार चल रही है जिसे बीजेपी गिराने की पूरी कोशिश कर रही है। भाजपा को प्रदेश में भारी बहुमत मिलने से कांग्रेस व जेडीएस की गठबंधन वाली सरकार की चिंता काफी बढ़ गई। कर्नाटक में 225 सीटें विधानसभा में है जिसमें बीजेपी उपचुनाव जितने के बाद 105 सीटें हासिल कर चुकी है और 2 निर्दलीय विधायक उसके समर्थन में है जो कि कुल मिलाकर 107 सीटें उनके पास है लेकिन 113 सीटें सरकार बनाने के लिए चाहिए। वहीं कांग्रेस के पास 79 और कांग्रेस समर्थन जेडीएस के पास 38 सीटें है तो कुल मिलाकर 117 सीटें हुई पर चिंता इस बात की है कि इनमें से आधे विधायक पार्टी बदल कर बीजेपी में जा सकते हैं।

चुनाव जीतने में क्या है ‘ऑपरेशन लोटस’ की भूमिका

पहली बार ‘ऑपरेशन लोटस’ (Operation lotus) का इस्तेमाल साल 2008 में भाजपा ने कर्नाटक में अपनी सरकार बनाने के लिए किया था इसी समय इसका आविष्कार हुआ, जिसके जन्मदाता बीजेपी के मशहूर नेता ‘बीएस येदियुरप्पा’ (BS yeddyurappa) को माना जाता है। ये तब की बात है जब बीएस येदियुरप्पा ने पहली बार कर्नाटक में सरकार बनाई थी वो भी अल्पमत में, उसी दौरान येदियुरप्पा 'ऑपरेशन लोटस' (Operation lotus) का प्रयोग कर दूसरे दलों के विधायकों को अपने पक्ष में लेकर बहुमत हासिल कर लिया था।

बीएस येदियुरप्पा
बीएस येदियुरप्पा
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असल में 'ऑपरेशन लोटस' (Operation lotus) का प्रयोग दूसरे दलों के विधायकों को खरीदने व फेरबदल कर बहुमत हासिल करने के लिए ही किया जाता है। वैसे ज्यादातर इसकी चर्चा विधानसभा के होने वाले चुनावों में सुनने को मिलती है लेकिन लोकसभा चुनाव में भी इस बार इसकी खूब चर्चा हुई जो कि वाकई में हैरान कर देने वाली है।

खबर है कि इन 2 राज्यों में सरकार बनाने के लिए भाजपा 'ऑपरेशन लोटस' का प्रयोग कर सकती है। क्योंकि अब भाजपा का लक्ष्य पंचायत से लेकर पार्लियामेंट में पूर्ण बहुमत हासिल करना है और ऐसे में पार्टी की नजर यूपी की सात सीटों के अलावा अन्य कई राज्यों में कब्जा करने की है ताकि प्रदेश स्तर पर भी बीजेपी की ही सरकार बने।

ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस की दिक्कतें सिर्फ 23 मई तक ही सीमित नहीं थी बल्कि इसके बाद और भी ज्यादा बढ़ सकती है। अब लग रहा है कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश व कर्नाटक (MP and Karnataka) में भाजपा की सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता है।