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लोकसभा चुनाव परिणाम 2019
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कांग्रेस मुक्त हुआ भारत, क्या गांधी परिवार से मुक्त हो पाएगी कांग्रेस 

अब भारत जल्दी ही देगा अमेरिका को टक्कर, जनता ने परिवारवाद और जातिवाद को जड़ा जोरदार तमाचा, अब देश की जनता विकास के लिए वोट करती है ,ना कि जात, धर्म और परिवार को !

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

11 अप्रैल से शुरू हुए लोकसभा चुनाव का अंत आज बीजेपी की शानदार जीत के साथ हुआ है। इस चुनाव में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (और सहयोगी दल) प्रचंड बहुमत के साथ 350 सीटों पर कमल खिलाने में सफल रही और देश की सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी । बीजेपी की इस जीत के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे शक्तिशाली नेता के तौर पर सामने आए हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी का हाल इस चुनाव में बेहाल रहा। कांग्रेस पार्टी महज 50 सीटों पर सिमट गई और UPA 100 सीटों के अंदर ।

भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और समर्थक इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की राजनीतिक समझ को दे रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर पर बीजेपी को जीत पर बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा "भारत फिर जीत गया। "

भाजपा फिर से सत्ता पर काबिज होने के लिए तैयार है। उन्होंने इस प्रदर्शन को 'सबका विश्वास' बताया। प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लिखा -

भारत के लोगों द्वारा एक मजबूत और समावेशी भारत का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने ट्वीट किया, “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास विजयी भारत। हम साथ बढ़ेंगे। साथ समृद्ध होंगे। साथ में हम एक मजबूत और समावेशी भारत का निर्माण करेंगे। भारत फिर जीत गया। हैशटैगविजयीभारत।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इससे पहले उन्होंने ट्वीट किया, "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास विजयी भारत। हम साथ बढ़ेंगे। साथ समृद्ध होंगे। साथ में हम एक मजबूत और समावेशी भारत का निर्माण करेंगे। भारत फिर जीत गया। हैशटैगविजयीभारत।"

वैसे तो बीजेपी की जीत का एलान 19 मई को आए एग्जिट पोल से ही हो गया था। एग्जिट पोल में आए परिणाम साफ-साफ बता रहे थे कि इस बार भी कांग्रेस को देश की जनता ने नकार दिया है। कांग्रेस का इस बार भी सत्ता में आना असंभव है। लेकिन विपक्षी दलों ने इस एग्जिट पोल को सिरे से नकार दिया था ।

लेकिन जब मतगणना शुरू हुई तो एक बार फिर दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। बीजेपी की सुनामी ऐसी उठी कि इस तूफान में कांग्रेस के बड़े से बड़े दिग्गज धराशाही हो गए। इस चुनाव में ना जातिवाद काम आया और ना परिवारवाद, ना राजा बच पाए और ना स्वघोषित दलित मसीहा। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की राष्ट्रवाद नीति ने सबको पछाड़ दिया।

अमेठी से हारने के बाद जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मीडिया के सामने आए तो उन्होंने अपनी और पार्टी की हार स्वीकार कर ली। राहुल गांधी ने कहा "अमेठी में भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी जीती हैं, मैं उन्हें बधाई देता हूं। लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है। मुझे अमेठी की जनता का फैसला स्वीकार है।"

राहुल ने कहा, "हमारी लड़ाई विचारधारा की है और हम उसके लिए साथ मिलकर लड़ते रहेंगे।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीत की बधाई देते राहुल गाँधी ने कहा कि -

“मैंने चुनाव अभियान के दौरान ही कहा था कि जनता का जो फैसला होगा, हमें स्वीकार होगा। चूंकि इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा की जीत हुई है, जिसके लिए हम उन्हें बधाई देते हैं।”

राहुल गाँधी

राहुल ने इसके साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, "कार्यकर्ता घबराएं नहीं, हमारी लड़ाई विचारधारा की है, और लड़ते रहेंगे। हम मिलकर लड़ेंगे।"

उन्होंने कहा, "देश में बहुत सारे लोग कांग्रेस को चाहने वाले हैं, हम उनके लिए उनके साथ मिलकर लड़ते रहेंगे।"

अफवाहों की बाजार में यह भी खबर उठी कि इस हार के बाद राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं और उन्होंने अपना इस्तीफा UPA चेयरपर्सन सोनिया गांधी को दे दिया है। हालांकि राहुल ने मीडिया के सामने इस बात की चर्चा नहीं की उल्टा राहुल ने कार्यकर्ताओं को और मेहनत से काम करने के लिए उत्साहित किया। इस लिए हम इसे मात्र अफवाह या कांग्रेस के ठेकेदार राहुल गांधी एंड फॅमिली का ड्रामा कह सकते हैं।

इस लोकसभा चुनाव में अमेठी की जनता ने गांधी परिवार से अपना 39 साल पुराना रिश्ता तोड़ दिया है। यह एक ऐसा रिश्ता था जो भावनाओं से भरा और भावनाओं से पोषित था। इटैलियन गांधी परिवार को जनता ने उखाड़ कर फेंक दिया है।

अमेठी में स्मृति ईरानी की जीत और राहुल गांधी की हार सिर्फ चुनावी लड़ाई का नतीजा नहीं है, यह उससे कहीं अधिक है। अमेठी में स्मृति ईरानी की जीत के साथ जनता ने परिवारवाद और जातिवाद को जोरदार तमाचा जड़ा हैं। जनता ने साबित कर दिया है कि अब देश की जनता विकास के लिए वोट करती है ,ना कि जात, धर्म और परिवार को।