उदय बुलेटिन
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General Election 2019
General Election 2019|Google
इलेक्शन बुलेटिन

ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुआ आम चुनाव, भारत में चल रहे आम चुनाव से कितना अलग है ?

प्रधानमंत्री के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुई खोज अब पूरी होने वाली है । 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

इस समय देश में हर तरफ चुनाव-प्रचार और राजनीति की बातें चल रही है। इसी सिलसिले में एक बार नेता जी एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। नेताजी मंच पर खड़े थे, तभी मंच के पीछे से किसी ने नेता जी पूछ लिया कि साहब - चुनाव, आदमी या जनता से पहले 'आम' शब्द का इस्तेमाल क्यों किया जाता है। जैसे की 'आम आदमी' और 'आम जनता' या फिर 'आम चुनाव' ।

नेता जी हंसने लगे और कहे "ताकि उसे चूसा जा सके और काम निकल जाने के बाद गुठली की तरह निकाल के फेंका जा सके।"

हमारे देश में चल रहे इस 'आम चुनाव' का हाल भी कुछ ऐसा ही हैं। पहले नेता पांच साल तक जनता को चूसते हैं और फिर नए वादे और कसमे लिए जनता को दोबारा चूसने पहुंच जाते हैं। जनता भी बिचारी 'आम' है शोषण होने देना उसकी फितरत में है।

खैर, भारत में अब चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है। कल यानी 19 मई को आखिरी मतदान होना है और चुनाव के नतीजे 23 मई को जारी किए जाएगें । वहीं ऑस्ट्रेलिया में भी आज अपने नए प्रधानमंत्री को चुनने के लिए मतदान कराया जा रहा है। दरअसल ऑस्ट्रेलिया में बीते एक दशक से अंदरूनी राजनीतिक खीचतान चल रही है। राजनीतिक मतभेदों के चलते अस्थिर माहौल देखने को मिला है। बीते एक दशक में चार प्रधानमंत्री को अपना पद छोड़ना पड़ा है।

वैसे तो ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री का कार्यकाल 3 सालों का होता हैं। लेकिन 2007 के बाद किसी भी प्रधानमंत्री ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया है। ऐसे में यह चुनाव हर मायने में काफी महत्वपूर्ण है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के चुनावी मुद्दे

भारत के आम चुनाव में राष्ट्रवाद, पाकिस्तान, किसान, राफेल और राम मंदिर को मुद्दा बनाया जा रहा है। देश की सबसे बड़ी राजनीति पार्टियां एक दूसरे की जीत और हार को पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की जीत और हार मानती हैं। पर्यावरण, स्वास्थ्य, रोजगार, अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे नेताओं की लिस्ट से गायब हैं।

वहीं ऑस्ट्रेलिया के चुनावी सर्वेक्षणों में दर्शाया गया है कि अर्थव्यवस्था, रहन-सहन का स्तर, पर्यावरण और स्वास्थ्य मतदाताओं के लिए मुख्य मुद्दे हैं। राजनितिक विशेषज्ञों की राय में यह पीढ़ीगत मुद्दों का चुनाव है। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के मुद्दों को जगह दी गई है।

कौन बनेगा प्रधानमंत्री ?

भारत में तो प्रधानमंत्री की दौड़ में कई राजनेता शामिल हैं। सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को दोबारा अपना प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया है। तो देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री की घोषणा नहीं की गई है। छोटी-बड़ी सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता खुद को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं। प्रधानमंत्री की फेरहस्ती शामिल अगला सबसे पहला नाम मायावती और ममता बनर्जी का है।

वहीं ऑस्ट्रेलिया में सत्ताधारी नेशनल लिबरल पार्टी ने मौजूदा प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को ही अपना उम्मीदवार बनाया है। तो विपक्षी लेबर पार्टी ने पार्टी अध्यक्ष बिल शॉटर्न इस चुनाव में मॉरिसन के खिलाफ मैदान में उतारा हैं।

कैसे होता है मतदान ?

भारत में लोकतंत्र के इस महापर्व की तारीख किसी भी निर्धारित की जा सकती है। विदेशी वोटरों के लिए अलग से वोटिंग की सुविधा होती है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग लाइन बनाए जाते हैं। भारत में चुनाव का प्रतिशत 60-65 फीसदी तक रहता है।

वहीं ऑस्ट्रेलिया में मतदान का दिन निर्धारित होता है। शनिवार को मतदान कराया जाता है। ऑस्ट्रेलिया रिकॉर्ड के अनुसार वहां 1.64 करोड़ मतदाता नामांकित हैं। आस्ट्रेलिया में मतदान करना अनिवार्य है। मतदान नहीं करने पर 14 डॉलर का जुर्माना देना पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया में मतदान का प्रतिशत 95 से 97 फीसदी तक रहता है