उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
बंगाल में हिंसा का कौन है जिम्मेदार 
बंगाल में हिंसा का कौन है जिम्मेदार |Google
इलेक्शन बुलेटिन

सुलग रहा है बंगाल, आखिर कौन है जिम्मेदार टीएमसी या बीजेपी ?

अमित शाह के कोलकत्ता रोड शो में हुयी हिंसा को लेकर खड़े हो रहे हैं कई सवाल 

Puja Kumari

Puja Kumari

जहां रविवार को लोकसभा चुनाव 2019 के छठवें चरण (Loksabha election 2019 6th Phase) में पश्चिम बंगाल के कोलकत्ता में बंप्पर वोटिंग से यह साबित हुआ की यहां की जनता अपने अधिकारों का प्रयोग करने में पीछे नहीं हटती है, वहीं उसके ठीक बाद मंगलवार के दिन अमित शाह (Amit Shah) के रोड शो में हुई हिंसा ने तो इतिहास ही रच दिया। इस भयानक हिंसा के बाद चुनाव आयोग (Election Commision) ने एक्शन लिया और पश्चिम बंगाल में होने वाली सभी सभाओं व रैलियों पर रोक लगा दी। पर अब ऐसा होने के बाद सबसे बड़ा सवाल तो ये आ रहा है कि आखिर ये सब किसने किया और किस वजह से हुआ ?

रोड शो में हुए हमले पर गरमाई सियासत

इस भयानक हिंसा (Violennce) का आरोप अमित शाह ने ममता सरकार (West Bengal chief minister Mamata Banerjee) पर लगाते हुए कहा कि रोड शो में कोलकत्ता की जनता का सहयोग मिलने के कारण ये हमला कराया गया क्योंकि लोग डर से घरों में बंद हो जाएं और उनकी सभा रद्द हो जाए पर ममता दीदी ये नहीं जानती की वो जहां कीचड़ फैलाएंगी कमल वहीं खिलता है।

वहीं दूसरी ओर ममता सरकार ने अपनी सफाई में इन आरोपों को झूठलाते हुए कहा कि रैली में हिंसा भाजपा कार्यकर्ता ने भड़काई। इन लोगों जानबूझकर हमारे बंगाल में आकर हिंसा फैलाया ताकि हमें बदनाम कर सकें। इतना ही नहीं ममता ने तो नरेंद्र मोदी के साथ अमित शाह को हिंसा भड़काने वाला "गुंडा" भी कहा जो कि अमानवीय है। ममता की इस भाषाशैली पर भाजपाई समर्थक नाराज हैं, उनका कहना है कि ममता ने अपनी पार्टी टीएमसी को तालिबान बना दिया है।

किसने तोड़ी ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति
किसने तोड़ी ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति
ANI Twitter

मुद्दा बनी ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति

स्थानीय लोगों की मानें तो ईश्वरचंद्र विद्यासागर (Ishwarchand Vidyasagar) की मूर्ति बीजेपी और आरएसएस ने मूर्ति तोड़ी है, जिसके बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया। वैसे तो सबसे पहले मूर्ति के टूटने का विरोध सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) पार्टी के लोगों ने करना शुरू किया जो कि भाजपा के खिलाफ है उनका मानना है कि यह बंगाल की संस्कृति पर हमला है। मगर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इन बातों को नकारते हुए साक्ष्य के जरिए कह रहे है कि ये हिंसा टीएमसी ने करवाया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी मूर्ति तोड़ने के खिलाफ कैंपेन चलाए जा रहे हैं।

बंगाल में क्यों संग्राम

कुछ जानकारों व वरिष्ट पत्रकारों की मानें तो आखिरी चरण के मतदान के लिए भाजपा यहां अपनी जीत बनाने के लिए भरसक प्रयास में लगी हुई है। कई स्थानीय लोगों का तो ये भी मानना है कि जानबूझकर यहां हिंसा भड़काया गया है और ऐसा करने के पीछे भाजपाईयों का हाथ है ताकि दंगे व हिंसा की वजह मतदान की संख्या सीमित हो जाए।

अमित शाह रोड शो में हिंसा 
अमित शाह रोड शो में हिंसा 
Google

वजह चाहे जो भी हो इन दोनों पार्टीयों ने अपना-अपना पक्ष रखते हुए एक दूसरे को दोषी ठहराया है। पर तथ्यों की माने तो फिल्हाल यही लग रहा है कि यह हिंसा जानबूझकर भड़काई गयी है और दोनों पार्टी इसका लाभ उठाने के प्रयास में लगे हुए हैं। चाहे हिंसा का जिम्मेदार टीएमसी हो या भाजपा पर दोनों पार्टियों ने इस बहती गंगा में हाथ धोया है इसलिए कहा जा सकता है कि हिंसा में दोनों पार्टियां शामिल थीं।