उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
PM MODI AND RAJIV GANDHI
PM MODI AND RAJIV GANDHI|GOOGLE IMAGE
इलेक्शन बुलेटिन

लोकसभा चुनाव 2019: सियासी पिटारे से निकाला ‘राजीव गांधी’ का नाम, क्या हैं इसके राजनीतिक मायने ? 

दिल्ली में 12 मई को वोटिंग होनी है सारी पार्टियों ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है

Anuj Kumar

Anuj Kumar

लोकसभा चुनाव में अब बस दो चरणों का चुनाव बाकी है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियां अपना सब कुछ झोंक देना चाहती है। नेता शब्दों के बाण को और तीखा कर एक दूसरे पर वार पलटवार कर रहे हैं। बुधवार का दिन भी राजनीतिक लिहाज से बेहद अहम रहा। जहां एक तरह प्रियंका गांधी ने मोर्चा संभाला था तो वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री थे।

बुधवार को प्रियंका गांधी ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तर पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस की उम्मीदवार शीला दीक्षित के लिए रोड शो किया। इस दौरान उन्होंने राजीव गांधी पर पीएम मोदी के चैलेंज का भी जवाब दिया। प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री को चैलेंज करती हूं कि वो अंतिम दो चरण की चुनावी लड़ाई नोटबंदी, जीएसटी और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर लड़ें।

PM MODI IN DELHI
PM MODI IN DELHI
GOOGLE IMAGE

तो वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी एक बार फिर रामलीला मैदान से राजीव गांधी के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने INS विक्रांत को प्राइवेट टैक्सी बना दिया था। अब सवाल ये है कि आखिर पीएम मोदी राजीव गांधी का बार-बार जिक्र क्यों कर रहे हैं ?

राजीव गांधी के नाम पर क्यों है बहस

पीएम मोदी एक अच्छे वक्ता है। उन्हें पता है कौन सी बात कब और कहां कहना है। यही कारण रहा कि पीएम मोदी ने पिछले पांच चरणों में राजीव गांधी का जिक्र तक नहीं किया। लेकिन जैसे ही पांचवे चरण का चुनाव खत्म हुआ और छठे चरण के चुनावी दंगल में नेता वार पलटवार करने लगे। पीएम मोदी ने झट से राजीव गांधी का नाम उछाल दिया। राजीव गांधी का नाम आने के बाद से ही कांग्रेस थोड़ा असहज हो गई।

राजीव गांधी का नाम लेकर पीएम मोदी ने एक तीर से दो शिकार किये है। दरअसल, राजीव गांधी का नाम आने के बाद चुनावी समर में दो बातों का जिक्र होना तय है। पहला बोफोर्स घोटला जिसने सत्ता परिवर्तन कर दिया था। तो दूसरा राजीव गांधी का वो बयान जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख दंगों के संदर्भ में कहा था कि 'बड़े पेड़ के गिरने से धरती हिलती है'।

एक तीर से दो निशाने

दरअसल, पीएम मोदी ने एक तरफ चौदीदार चोर है के जवाब में बोफोर्स घोटाला की याद दिलाया। तो वहीं दूसरी तरफ सिख दंगों पर राजीव गांधी के बयान पर कांग्रेस को कटधरे में खड़ा कर दिया।

वैसे तो गड़े मुर्दों को उखाड़ने का कोई तुक नहीं बनता है लेकिन राजनीति में गड़े मुर्दों का बड़ा महत्व है नेता चुनावी समर में जब चाहे जहां चाहे गड़े मुर्दें उखाड़ सकते है। लेकिन दिल्ली की जनता पर इसका क्या असर पड़ेगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।