उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
new delhi lok sabha election 
new delhi lok sabha election |google image
इलेक्शन बुलेटिन

नई दिल्ली लोकसभा सीट का ये इतिहास जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे !

दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबले से बीजेपी का होगा फायदा

Anuj Kumar

Anuj Kumar

पांचवे चरण का मतदान खत्म होने के बाद अब सबकी निगाहें छठे चरण के मतदान पर टिकी हुई है। छठे चरण यानी 12 मई को दिल्ली की सात सीटों पर चुनाव होना है ऐसे में दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चुनावी सरगर्मियां बेहद गर्म है। लोग चुनावी मौसम में नेताओं के पक्ष और विपक्ष में तर्क गढ़ रहे हैं। राजनेता अपने-अपने तरीके से एक दूसरे पर तंज कस रहे है। हर पार्टी एक दूसरे की असफलता गिनाने में लगा हुयी है। लेकिन चुनावी तू-तू मैं-मैं के बीच सबकी नजर नई दिल्ली सीट पर टिकी हुई है।

नई दिल्ली लोकसभा सीट से मौजूदा वक्त में बीजेपी की मीनाक्षी लेखी सांसद है। बीजेपी ने एक बार फिर मीनाक्षी लेखी को ही इस सीट से उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर कांग्रेस की तरफ से अजय माकन हैं तो वहीं आम आदमी पार्टी ने ब्रजेश गोयल को मैदान में उतारा है। इसके साथ ही नई दिल्ली लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।

क्यों है नई दिल्ली लोकसभा सीट खास

1992 के बाद से नई दिल्ली लोकसभा सीट पर जिस पार्टी का कब्जा रहा है केंद्र में भी उसकी पार्टी की सरकार बनी है। 1991 में हुए चुनाव में इस सीट पर बीजेपी के कद्दावर नेता लाल कृष्ण अडवाणी ने चुनाव जीता। अडवाणी के खिलाफ कांग्रेस ने राजेश खन्ना को उतारा था। लेकिन एक साल बाद अडवाणी ने नई दिल्ली लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। 1992 में हुए उपचुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने एक बार फिर राजेश खन्ना पर भरोसा जताया तो वहीं बीजेपी ने भी ग्लैमर का तड़का लगाते हुए शत्रुघ्न सिन्हा को मैदान में उतारा। लेकिन बीजेपी इस सीट को बचा नहीं पाई और राजेश खन्ना ने इस सीट पर जीत दर्ज की। तब से लेकर अब तक जो इस सीट पर जीत दर्ज करता रहा है केंद्र में उसकी ही सरकार बनती रही है।

1996,1998 और 1999 में इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है। लेकिन 2004 और 2009 में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। लेकिन 2014 में सत्ता का परिवर्तन के साथ ही बीजेपी इस सीट पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही। यानी कि 1992 से लेकर 2014 तक जिस पार्टी ने इस सीट पर कब्जा किया, दिल्ली की सत्ता पर उसका ही राज रहा है।

क्या है यहां के मुद्दे

नई दिल्ली लोकसभा सीट में 10 विधानसभा सीटें आती है। ये इलाका दिल्ली के बेहद पॉश रिहायशी इलाकों में से एक है। यहां के ज्यादातर लोगों का बिजनेस है और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुए सीलिंग की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। लोगों के बीच इस बात को लेकर भी गुस्सा है। इसके साथ ही साफ सफाई, प्रदूषण जैसे मुद्दों पर भी यहां की जनता किसी भी उम्मीदवार की हार जीत का फैसला कर सकती है।

यही कारण है कि बीजेपी ने 2014 के तर्ज पर 2019 में भी में दिल्ली की सातों सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। पीएम मोदी एक बार फिर पूरी तरह से आक्रामक हो गए है वो अपनी रैलियों में कांग्रेस को चुनौती दे रहे है।