उदय बुलेटिन
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लोकसभा चुनाव पांचवा चरण  
लोकसभा चुनाव पांचवा चरण  |ANI 
इलेक्शन बुलेटिन

कहीं पिता का अंतिम संस्कार कर बेटे ने डाला वोट, तो 105 साल की महिला ने भी दिखाई जागरूकता 

लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण में मतदान के दौरान पहले की अपेक्षा इस बार काफी उत्साह देखने को मिला

Puja Kumari

Puja Kumari

लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवे चरण का मतदान चल रहा है, जो कि 7 राज्यों बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और मध्य प्रदेश की 51 सीटों पर हो रहा है। इन सभी 51 सीटों पर 674 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में इस चरण के साथ ही लोकसभा की 425 सीटों के लिए मतदान का काम पूरा हो जाएगा।

वहीं इस दौरान वोटर भी बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्साहित दिख रहे हैं, वोटरों की संख्या को देख ऐसा लगता है कि मानों देश के नागरिकों को अब धीरे-धीरे अपनी जिम्मेदारी का अहसास होने लगा है। ये वाकई में खुशी की बात है।

पांचवे चरण के मतदान के बीच अलग-अलग जगहों से तस्वीरें भी सामने आई हैं, इसी बीच मध्यप्रदेश से एक ऐसा नजारा सामने आया जो बेहद ही अलग था, दरअसल यहां पर एक वोटर एकाएक सुर्खियों में छा गया है, जी हां क्योंकि इस व्यक्ति ने जो किया वो शायद ही कोई कर पाएगा।

सामान्यत: लोग वोट देने को लेकर उतना ज्यादा सीरियस नहीं रहते हैं, अगर कोई अत्यंत महत्वपूर्ण काम सामने आ जाता है तो लोग वोट देने नहीं जा पाते, परंतु ये वोटर ऐसी परिस्थिती में वोट डालने को पहुंचा जिसकी कल्पना भी कोई नहीं कर सकता है। बता दें कि यह शख्स अपने पिता का अंतिम संस्कार पूरा कर सीधे पोलिंग बूथ पहुंच अपने मताधिकार का प्रयोग कर ये साबित कर दिया कि लोकतंत्र से बड़ा पर्व और कुछ नहीं हो सकता है।

मध्य प्रदेश के छत्तरपुर में रहने वाला ये व्यक्ति अपने पिता का अंतिम संस्कार पूरा कर सीधा पोलिंग बूथ पहुंचा और नियमानुसार वोट भी डाला। जिसकी तस्वीरें समाचार एजेंसी ने भी शेयर की फिर लोग लगातार उसकी तारीफ करने लगे, इतना ही नहीं एक यूजर ने कहा कि 'ब्रिलिएंट. ऐसे लोग ही लोकतंत्र को मजबूत करते हैं. आपको सलाम भाई.'

वहीं दूसरे यूजर ने इस व्यक्ति की तारीफ में कहा कि ये रियल हीरो है जो अन्य लोगों की तरह स्टेडियम में बैठकर क्रिकेट का मजा लेने ही नहीं बल्कि अपने अधिकारों का प्रयोग करना जानता है।

इसके अलावा हजारीबाग में भी एक विहंगम दृश्य देखने को मिला जिसमें 105 साल की एक बूढ़ी औरत जो चलने में भी असमर्थ थी, वो एक व्यक्ति के कंधे पर बैठकर वोट देने आई। ये लोग हमारे समाज के लिए एक मिसाल है जिन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए हर बाधा को पार कर वोट डाला है।