उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
अखिलेश यादव के साथ दिखने वाले बाबा 
अखिलेश यादव के साथ दिखने वाले बाबा |twitter
इलेक्शन बुलेटिन

सीएम योगी जैसे दिखने वाले बाबा की ये है हकीकत, चुनाव प्रचार नहीं बल्कि चुनाव लड़ने का था सपना

अखिलेश की शरण में आने से पहले सरकारी कर्मचारी थे योगी जैसे दिखने वाले ये बाबा 

Puja Kumari

Puja Kumari

देशभर में चुनावी माहौल इस समय अपने चरम सीमा पर है, आज पांचवे चरण के मतदान के बाद लगभग इस सियासी जंग की परीक्षा काफी हद तक पार हो जाएगी, इसी दौरान हर पार्टी का दावेदार जनता से वोट की अपील करने के लिए लगातार रैलियां कर रहा है। इस बीच शुक्रवार के दिन सपा मुखिया अखिलेश यादव भी बारांबकी में रैली करने पहुंचे थें लेकिन इस दौरान उनका भाषण सुनने आई जनता को तब हैरानी हुई जब वो अखिलेश यादव के साथ मंच पर भगवा रंग के कपड़े पहने हुए एक व्यक्ति को देखा।

हर किसी के लिए यह एक चर्चा का विषय बन गया था क्योंकि यह व्यक्ति अपने रंग रूप व लुक से बिल्कुल यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की तरह नजर आ रहा था। रैली में आए लोग उस व्यक्ति को देखकर पहचानने की कोशिश ही कर रहे थें तभी सपा नेता ने चुटकी लेते हुए कहा कि ये गोरखपुर जा रहे थे, हम इन्हें यहां ले आए।

सीएम योगी का हमशक्ल बाबा 
सीएम योगी का हमशक्ल बाबा 
google

बात यहीं नहीं खत्म हुई बल्कि इस रैली के बाद अखिलेश ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसी बाबा के साथ की दो तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा की "हम नकली भगवान नहीं ला सकते पर एक बाबा जी लाए हैं। ये हमारे साथ गोरखपुर छोड़ प्रदेश में सबको सरकार की सच्चाई बता रहे हैं।"

जिसपर सीएम योगी ने रिप्लाई करते हुए कहा कि “अपात्र पुत्र को पिता से राजनीतिक विरासत मिले तो पुत्र से संभलती नहीं है। 'भ्रष्टाचारियों की कुलदेवी' के सामने नतमस्तक होने के बाद 'कर्महीन कुलभूषण' 'लाल' से लगी छोड़, 'नीले' से निवृत्त और 'हरे' से हारकर अब 'भगवा शरणागत' हो रहे हैं। इन कपटी बहरूपियों और मायाजाल से जनता अब सजग है।” फिर क्या था इसके बाद से असली और नकली योगी की बहस छिड़ गई और अन्य कई लोग इसपर सवाल उठाने लगे, जैसे ये बाबा है कौन ? अखिलेश यादव को ये कैसे मिले ? आदि, तमाम तरह के सवाल।

आइए जानें कौन है ये नकली योगी क्या है इसका बैकग्राउंड

अखिलेश के साथ सीएम योगी की तरह दिखने वाले बाबा ने आज कल अपने नाम में योद्धा सरनेम जोड़ लिया है। वैसे इनका पूरा नाम सुरेश ठाकुर है, जो कि लखनऊ से लोकसभा का चुनाव लड़ने का सपना देख रहे थें लेकिन उनके नामांकन का पर्चा रद्द हो गया।

इनके बारे में बताया जा रहा है कि ये एक सरकारी कर्मचारी थें जो कि मायावती के जमाने में बने पार्क और स्मारक में पंप ऑपरेटर के पद पर नौकरी करते थे। जब मायावती यूपी की मुख्यमंत्री बनी थी यानि साल 2011 में इन्हें नौकरी मिली थीं लेकिन दिसंबर 2017 में उन्हें सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बन गए थे।

नौकरी को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन करने के बाद इन्होने नामांकन पर्चा भरा लेकिन वहां भी असफल हो गए जिसके बाद ये अखिलेश यादव की शरण में चले आए।