उदय बुलेटिन
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Banada Loksabha election 2019
Banada Loksabha election 2019|Uday Bulletin Banda Election
इलेक्शन बुलेटिन

बांदा लोकसभा चुनाव 2019: प्रशासन ने कमर भले ही कसी हो लेकिन यहाँ की स्थितियों का कुछ अंदाजा नही लगाया जा सकता

देश मे आम चुनाव अपने जोरो पर है आगामी चरण में बांदा चित्रकूट मानिकपुर जैसे अति संवेदनशील लोकसभा का मतदान है

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

दो पंचवर्षीय पहले यहाँ दुर्दान्त दस्युओं का बोल बाला था, चुनाव में इनका हस्तक्षेप कुछ इस प्रकार था कि डकैत खुद अपने परिवारीजनों को चुनाव में खड़ा करके जिताने की कोशिश में लग जाते थे, और काफी बार सफल भी हुए है।

एक किस्सा है जब नवोदित डकैत घनश्याम पटेल उर्फ ठोकिया ने अपनी माँ पियारिया देवी को निर्दलीय चुनाव चिन्ह हैंड पम्प पर खड़ा किया तो अतर्रा -नरैनी के बीच घर-घर जाकर हल्दी चावल और चूना बटवा दिया था और संदेस साफ था कि अगर जीत गए तो हल्दी चावल मिलाकर टीका कराएंगे ,और अगर हारे तो हल्दी चूना मिलाकर रखना(हल्दी चूना चोट के लिए देशी ओर अचूक रेमडी है)

अब दस्यु तो संख्या में उतने नही रहे, फिर भी कभी कभार दो चार गैंग प्रत्यासी विशेष का समर्थन करने से नही चूकते , गौर करने वाली बात है कि कांग्रेस ने जो प्रत्यासी लोक सभा मे खड़ा किया है वह और कोई नही सबसे लंबा कुख्यात जीवन जीने वाले शिवकुमार पटेल उर्फ ददुआ के भाई है ,

वहीँ जो प्रत्यासी वर्तमान गठबंधन सपा -बसपा से श्यामाचरण गुप्त है जो कभी भाजपाई भी थे इनको भी लोग दबी जुबान से दस्यु समर्थित नेता कहने से संकोच नही करते।

90% मतदान को पलीता लगाते जिम्मेदार

जहां बांदा जिला अधीक्षक महोदय जहां 90%+ का राग अलाप रहे है वही जिम्मेदार लोगों ने अपने बचाव हेतु पहले ही रास्ता निकाल कर रखा था, उन्होंने शायद स्थितियों को भांप कर पहले ही एक एक घर मे 4-4 लोगो के नाम मतदाता सूची से बाहर निकाल फेंके थे, ओर पुनः दर्ज कराना चींटी को नमक खिलाने जैसा साबित हो रहा है।

वोट की कीमत

अगर कोई आपके वोट की कीमत 200 रुपये ओर एक देशी शराब की बोतल लगा दे तो क्या आपको आश्चर्य होगा?

जी हाँ आज भी इस क्षेत्र में अशिक्षा ओर जानकारी के आभाव में स्थानीय नेताओं द्वारा बरगला कर शराब और रुपये के बल पर खरीदा जा सकता है जो कि भविष्य के लिए अत्यधिक कष्टदायी साबित हो सकता है

नेताओ की लगातार रैलियां

वैसे तो बुन्देखण्ड पहले और आज तक नेताओं के लिए सिर्फ वोट देने का भूभाग रहा है लेकिन इस बार नेताओं ने यहां ताबड़तोड़ रैलियां की, जहां प्रियंका गांधी और अमित शाह कर्वी में वोटरों को रिझाते नजर आए वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांदा में समस्याओं को समाप्त करके बुंदेलखंड को सम्रद्ध करने की बात की, अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बबेरू तहसील में रैली की, देखना यह है कि वोटरों को किसकी सत्ता समझ मे आती है