उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
तेज बहादुर यादव VS मोदी 
तेज बहादुर यादव VS मोदी |google
इलेक्शन बुलेटिन

आख़िर बनारस से ही क्यों चुनाव लड़ रहे हैं पूर्व फौजी तेज बहादुर यादव, क्या है इसकी वजह 

मोदी सरकार का विरोध कर रहे तेज बहादुर यादव इंसाफ़ पाने के लिए लड़ रहे चुनाव 

Puja Kumari

Puja Kumari

आजकल लोकसभा चुनाव का माहौल देश भर में बना हुआ है और हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है। जहां एक तरफ पीएम मोदी जोरों शोरों चुनावी यात्रा में लगे हैं, नामांकन के दौरान भी उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में करीब सात किलोमीटर लंबा रोड शो किया, वहीं दूसरी तरफ सेना का एक पूर्व जवान वाराणसी से ही उनके खिलाफ लड़ने को चुनावी मैदान में उतर गया। जी हां, ये वही जवान है जिसने सेना में मिल रहे खराब खाने का वीडियो बनाकर फेसबुक पर डाला था और देखते ही देखते ये वीडियो वायरल भी हो गया था पर इसके बाद उसे बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था। उनका नाम तेज बहादुर यादव है जो कि हरियाणा के रहने वाले हैं।

हैरानी तो इस बात की हो रही है कि प्रधानमंत्री मोदी अक्सर ही जनसभा को संबोधित करने के दौरान देशभक्ति और सेना के जज्बे का जिक्र किए बिना नहीं रहते लेकिन वाराणसी के इस चुनावी संघर्ष में मोदी को चुनौती देने के लिए पूर्व जवान तेज बहादुर यादव ही खड़े हो गए हैं। जवान के इस कठोर कदम उठाने से लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि हरियाणा के रहने वाले तेज बहादुर मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने को मजबूर हो गए ?

पूर्व फौजी तेज बहादुर यादव 
पूर्व फौजी तेज बहादुर यादव 
google

इस वजह से लड़ रहे बनारस से चुनाव

इस बारे में जब तेज बहादुर से पूछा गया तो उन्होने बताया कि हम बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से नकली चौकीदार को हराना चाहते हैं, और जो लोग फ़ौज पर राजनीति करते हैं उन्हें दिखा देना चाहते हैं कि हममें हौसलों की कमी नहीं है। तेज बहादुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी फ़ौज का नाम बदनाम कर दिया।

प्रधानमंत्री के भाषणों को अगर याद करें तो उन्होने कई बार ये बात कही है कि वो देश की सेना को खुली छूट देते हैं जबकि पहले की सरकार ने कभी ऐसा नहीं किया, वहीं इस बात पर तेज बहादुर का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं है कि देश की सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक किया हो, इससे पहले भी भारतीय सेना ऐसा करती आई है, लेकिन उस पर राजनीति नहीं की जाती थी। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए तेज बहादुर ने कहा कि इसी बात का जवाब देने के लिए मैं वाराणसी से चुनाव लड़ रहा हूं।

मोदी VS तेज बहादुर यादव 
मोदी VS तेज बहादुर यादव 
google

इंसाफ के लिए अपनाया चुनाव का रास्ता

तेज बहादुर का कहना है कि देश के असली चौकीदार तो सेना के जवान है, अब फैसला जनता के हाथ में है कि वो असली और नकली चौकीदार में पहचान कर सके। उनका मानना है कि ऐसा पिछले 70 साल में पहली बार हो रहा है कि कोई सेना का जवान प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ चुनावी मैदान में उतरा है, अब देखना ये है कि जनता किसके हक में फैसला लेती है। अदालत में न्याय मिले या न मिले जनता की अदालत सबसे उपर होती है इसलिए उन्होने चुनाव का रास्ता अपनाया।