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जस्टिस कर्णन वाराणसी से चुनाव लड़ेगें 
जस्टिस कर्णन वाराणसी से चुनाव लड़ेगें |IANS
इलेक्शन बुलेटिन

पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने वाले जस्टिस कर्णन कौन हैं ?  

जस्टिस कर्णन वाराणसी से पीएम के खिलाफ चुनाव लड़ेगें। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा अब तक किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल के उम्मीदवारों ने भले ही ना किया हो, लेकिन मद्रास और कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सी. एस. कर्णन ने वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने की ठान ली है। खबर मिली है कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश सी. एस. कर्णन 26 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेगें।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने बताया कि, "मैंने मोदी के खिलाफ वाराणसी निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अब मैं वाराणसी में अपना नामांकन दाखिल करने के लिए प्रारंभिक काम कर रहा हूं।" वह पहले ही मध्य चेन्नई लोकसभा सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं और वाराणसी उनका दूसरा निर्वाचन क्षेत्र होगा।

चलिए जानते हैं कौन है पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले सेवानिवृत्त न्यायाधीश सी. एस. कर्णन ।

कौन हैं न्यायाधीश सी. एस. कर्णन ?

मद्रास और कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सी. एस. कर्णन वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। वह 63 वर्षीय सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं। कर्णन ने 2018 में एंटी-करप्शन डाइनेमिक पार्टी (एसीडीपी) का गठन किया था जिसके उम्मीदवार के रूप में उन्होंने अपना पर्चा दाखिल किया। जस्टिस कर्णन ने मद्रास हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कई जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की बेंच ने इस सिलसिले में जस्टिस कर्णन की लिखी चिट्ठियों का स्वत: संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना का मुकदमा शुरू किया था।

न्यायाधीश कर्णन अदालत की अवमानना के लिए दोषी पाए जाने वाले पहले आसीन न्यायाधीश थे। उन्हें जून 2017 में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद छह महीने की जेल की सजा काटनी पड़ी। वहीं जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि 8 फरवरी से ये सात जज मुझे कोई भी न्यायिक और प्रशासनिक कार्य नहीं करने दे रहे हैं। इन लोगों ने मुझे परेशान कर दिया है और मेरा सामान्य जीवन खराब कर दिया है। जिसके बाद उन्होंने 14 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी। 20 दिसंबर 2017 को उन्हें अदालत से रिहा कर दिया गया था।

वहीं वाराणसी लोकसभा सीट की बात करें तो अभी तक कांग्रेस, सपा बसपा ने इस सीट के लिए उम्मीदवार घोषित नहीं किये हैं। कांग्रेस में एक बार चर्चा उठी थी कि प्रियंका गांधी वाराणसी सीट से चुनाव लड़ेंगी। लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। मोदी विरोधी अक्सर इस सीट से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करते रहते हैं। लेकिन अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।