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AMIT SHAH AND MAMATA BANERJEE 
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इलेक्शन बुलेटिन

लोकसभा चुनाव 2019: चुनाव से पहले ही पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मिली बड़ी रणनीतिक जीत, जानिए कैसे ?

2019 आम चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति से ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है।

लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में चुनावी हरकते तेज हो गई है। जहां एक तरफ ममता बनर्जी मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए बालाकोट हमले का सबूत मांग रही है तो दूसरी तरफ अमित शाह की रणनीति के तरह टीएमसी के कई नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इसे बीजेपी की बड़ी रणनीति जीत मानी जा रही है।

मंगलवार को टीएमसी से निलंबित सांसद अनुपम हाजरा और मौजूदा वक्त में 2 टीएमसी विधायक ने बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गी और बीजेपी नेता मुकुल रॉय की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गए। इसे टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

दरअसल, अनुपम हाजरा को ममता बनर्जी ने 10 जनवरी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पहले ही निष्कासित कर दिया था। हाजरा 2014 में हुए आम चुनाव में बंगाल के बोलपुर सीट से जीत दर्ज की थी। टीएमसी नेताओं के अलावा बगदा से कांग्रेस विधायक और हबीबपुर से माकपा विधायक खगेन मुर्मू भी बीजेपी में शामिल हो गए है।

खबरों की माने तो ये शुरूआत है। बंगाल में कई और नेता है जो लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। दरअसल, बंगाल में बीजेपी के लिए चेहरों की कमी है पार्टी अगर नरेंद्र मोदी के पक्ष में माहौल बना भी दे, तो भी उम्मीदवार ऐसे होने चाहिए जिसे बंगाल की जनता जानती हो। नेता इस बात को भली भातिं जानते है कि आने वाले वक्त में पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पक्ष में माहौल बन रहा है। यही कारण है कि विपक्षी नेता बीजेपी का दामन थाम रहे हैं।

पिछले साल हुए पंचायत चुनाव में बीजेपी प्रमुख विपक्षी पार्टी के तौर पर उभरी थी। ऐसे में बीजेपी लोकसभा चुनाव में हिंदी हार्टलैंड में होने वाली सीटों के नुकसान की भरपाई बंगाल से कर सकती है।

पिछले दो-तीन सालों में बंगाल की जनता का मिजाज बदला है। जिसका बीजेपी फायदा उठाना चाहती है। ये कारण है कि बीजेपी के कद्दावर नेता लगातार बंगाल में ममता बनर्जी सरकार पर अक्रामक रहे है।

बंगाल में कुल 42 लोकसभा सीट है और इस बार पूरे 7 चरणों में चुनाव है। यानी बंगाल में बीजेपी को प्रचार प्रसार करने का पूरा मौका मिलेगा। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा की बंगाल की जनता किस करवट बैठेगी।