उदय बुलेटिन
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बीजेपी का बंगाल में चुनाव से पहले केंद्रीय पर्यवेक्षक की मांग 
बीजेपी का बंगाल में चुनाव से पहले केंद्रीय पर्यवेक्षक की मांग |Google
इलेक्शन बुलेटिन

डरे हुए हैं बंगाल के मतदाता, बीजेपी चाहती है एक मुख्य पर्यवेक्षक की नियुक्ति

बीजेपी ने कहा ग्राम पंचायत के चुनावों के दौरान हत्याओं और हिंसा की घटनाओं के कारण ‘बंगाल में मतदाताओं में बुरी तरह डर का माहौल बना हुआ है।’

AKANKSHA MISHRA

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कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल (West Bengal) इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मुलाकात की और 2019 आम चुनावों (Loksabha Election 2019) के दौरान राज्य में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती के अलावा सभी क्षेत्रों में केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात करने की मांग की। अरोड़ा की अगुआई में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ राज्य में लोकसभा चुनावों (Loksabha Election 2019) की तैयारी का जायजा लेने के लिए बुधवार को कोलकाता पहुंची।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, राज्य प्रशासन और राज्य चुनाव आयोग के आधिकारियों के साथ गुरुवार को बैठक की।

भाजपा (BJP) प्रतिनिधिमंडल ने राज्य पुलिस बल पर निर्भर रहने के बजाय सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय पुलिस पर्यवेक्षकों की देखरेख में सिर्फ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) तैनात करने का आग्रह किया।

पार्टी ने कहा कि इससे पहले ग्राम पंचायत के चुनावों के दौरान हत्याओं और हिंसा की घटनाओं के कारण 'बंगाल में मतदाताओं में बुरी तरह डर का माहौल बना हुआ है।'

पार्टी ने कहा, "पिछले चुनावों में निष्पक्ष चुनाव कराने के मामले में प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) का कार्यालय संदेह के घेरे में आने के कारण इस बार राज्य के सीईओ की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए बाहर का एक मुख्य पर्यवेक्षक तैनात किया जाए।"

पार्टी के अनुसार, "सभी आम पर्यवेक्षकों के पास जिला चुनाव अधिकारी और निर्वाचन अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने का अधिकार होना चाहिए।"

भाजपा ने कहा, "पर्याप्त सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और सीएपीएफ बलों की तैनाती प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए एक मुख्य पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त होना चाहिए।"

भगवा पार्टी ने सभी मतदान केंद्र परिसरों की रियल टाइम वीडियोग्राफी कराने की भी मांग की और कहा कि चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के कार्य की निगरानी के लिए एक विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त होना चाहिए। पार्टी ने चुनाव आयुक्त से 'फर्जी मतदाताओं' को मतदाता सूची से हटाने की भी मांग की।

--आईएएनएस