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इलेक्शन बुलेटिन

आखिर किस बात पर हुई ममता और राजनाथ की तकरार !

टीम बीजेपी के कप्तान (अमित शाह) मिशन 22+ रणनीति के तहत बंगाल में धड़ाधड़ रैली कर रहे हैं। इस बीच कांथी में अमित शाह की रैली के बाद हिंसा हुई। इस हिंसा में बसों, गाड़ियों को जला दिया गया है। 

Anuj Kumar

Anuj Kumar

पश्चिम बंगाल में इन दिनों चुनावी सरगर्मियां काफी तेज हो गई है। पहले तो 19 जनवरी को हुए यूनाइटेड इंडिया रैली में 20 से ज्यादा पार्टियों के नेता एक ही मंच पर ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक साथ आए और सभी पार्टियों ने केंद्र की मोदी सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। इन लीडरों में बीजेपी के बागी नेता भी मौजूद थे। ऐसे में अब बारी बीजेपी की थी।

टीम बीजेपी के कप्तान (अमित शाह) मिशन 22+ रणनीति के तहत बंगाल में धराधर रैली कर रहे हैं। इस बीच कांथी में अमित शाह की रैली के बाद हिंसा हुई। इस हिंसा में बसों, गाड़ियों को जला दिया गया है। टीएमसी के दफ्तर पर भी हमला किया गया है। दोनों पार्टियां हिंसा भड़काने के लिए एक दूसरे को दोष दे रही है। इस बीच जब केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी को फोन कर राज्य की कानून व्यवस्था और हिंसा के बारे में पूछा। खबरों की माने तो ममता बनर्जी और राजनाथ के बीच तीखी बहस हुई। ममता ने कहा कि पहले आप अपने नेता और समर्थकों को संभाल लें।

दरअसल, बंगाल में अमित शाह इन दिनों रैलियों में ममता बनर्जी पर लगातार राज्य की कानून व्सवस्था को लेकर हमलावर रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि ममता सरकार लोकतंत्र को समाप्त कर रही है। इस दौरान अमित शाह ने बंगाल में रथ यात्रा की इज़ाजत न मिलने को लेकर भी निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि ममता सरकार बीजेपी से इतनी हताश थी कि हमें रथ यात्रा निकालने नहीं दिया। उन्हें लगा कि ये रथ यात्रा ममता सरकार की अंतिम यात्रा न हो जाए। लेकिन कोई बात नहीं हम मेहनत करेंगे और बंगाल से आपको साफ कर देंगे।

AMIT SHAH

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अमित शाह को नहीं मिली हैलिकॉप्ट उतारे की इजाज़त

इससे पहले 22 जनवरी को अमित शाह की मलदा में रैली थी। लेकिन उनके हेलीकाप्टर को उतरने की इजाज़त नहीं मिली। जैसे तैसे अमित शाह के हेलीकाप्टर को एक निजी होटल के ग्राउंड में उतारा गया। अमित शाह ने मालदा की रैली में ममता सरकार को उखाड़ फेकने की बात कही। इसके बाद 23 जनवरी को शाह की रैली झारग्राम में थी। झारग्राम में भी उनके हेलीकाप्टर को उतरने की परमिशन नहीं मिली। पार्टी के कार्यकर्ताओं को जब पता चला तो वे डीएम को मनाने पहुंचे। महिला डीएम होने के नाते बीजेपी महिला मोर्चा को आगे रखा गया था। कार्यकर्ताओं ने डीएम ऑफिस के सामने धरना भी दिया। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। जिसके बाद झारग्राम की रैली में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी औऱ कैलाश विजयवर्गीय और सांसद रूपा गांगुली शामिल हुए।

ममता बनर्जी vs अमित शाह

लेकिन अब सवाल ये उठता है कि आखिर क्यों ममता बनर्जी बंगाल में अमित शाह की रैली में रोड़े अटका रही है। इस बता को जानने के लिए हमे पश्चिम बंगाल की चुनावी समीकरणों को देखना होगा।

दरअसल, पश्चिम बंगाल में लोकसभा की कुल 42 सीट है। 2014 लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी को 34 सीट मिली थी। मोदी लहर होने के बावजूद बीजेपी को 2 सीटे ही मिली। वोट फीसदी की बात करें तो बीजेपी को17 फीसदी वोट मिले थे । जबकि सीपीएम को भी 2 सीटे ही मिली। 2009 की तुलना में यहां बीजेपी को एक सीट का फायदा हुआ। इसके बाद 2016 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 6 सीटे मिली। और कांग्रेस और सीपीएम गठबंधन को भी 6 सीटे ही मिली। जबकि पिछली विधानसभा चुनाव यानी 2012 में बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली थी।

इसके बाद पछले साल हुए पंचायत चुनाव में भी बीजेपी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। 31,802 सीटों वाली पंचायत चुनाव में टीएमसी को 20,848 सीटें मिली। तो वहीं बीजेपी को 5,652 सीटे मिली। इस चुनाव में निर्दलीय विधायकों की संख्या सीपीएम और कांग्रेस पार्टियों से ज्यादा थी। आकड़ों की बात करें तो बीजेपी धीरे-धीरे बंगाल में खुद को प्रमुख विपक्षी पार्टी के रुप में स्थापित कर चुकी है।

बीजेपी का अभियान ममता हटाओं !

बीजेपी लगातार राज्य में ममता सरकार के खिलाफ अभियान चला रही है। ममता सरकार को घेरने का बीजेपी एक भी मौका नहीं छोड़ती। दरअसल, बीजेपी बंगाल में 2019 चुनाव से पहले पूरी तरह से पार्टी के पक्ष में माहौल बनाना चाहती है। इतना ही नहीं राज्य में मुस्लिम वोटरों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने पिछले साल मुस्लिम सम्मेलन भी किया है।

चुनाव में बीजेपी के बढ़ते ग्राफ को देते हुए ममता बनर्जी के लिए बंगाल में अब चुनौती सीपीएम नहीं बल्कि बीजेपी बन गई है। अगर बंगाल में टीएमसी को 2014 की तुलान में कम सीट मिलती है तो ममता बनर्जी के लिए ये खतरे की घंटी होगी। ये ही कारण है कि ममता बनर्जी किसी भी कीमत में बंगाल में बीजेपी के पक्ष में बन रहे माहौल को रोकने की जद्दोजहद में है।