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Anand Sharma
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इलेक्शन बुलेटिन

लोकसभा इलेक्शन 2019 : कांग्रेस पार्टी को लगता है कि इस बड़ी लड़ाई में उसे मीडिया में विज्ञापन के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलेगी।  

मीडिया घराने मोदी के मित्रों हैं या इनके नियंत्रण में हैं।

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कांग्रेस की प्रचार समिति के अध्यक्ष आनंद शर्मा ने कहा, "पैसा कहां है, वह तो पूरा भाजपा ने अपने पास रख लिया है। वे पैसे के पहाड़ पर बैठे हुए हैं और (निजी चार्टर्ड विमानों का) पूरा बेड़ा उनके पास है |

कांग्रेस का मानना है कि आगामी लोकसभा चुनाव में सभी दलों के लिए समान अवसर उपलब्ध नहीं है और यह 'असंतुलित' है। साथ ही पार्टी को यह भी लगता है कि इस बड़ी लड़ाई में उसे मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं मिलेगी।

कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने कहा, "2019 के चुनाव असंतुलित हैं और इसमें सभी के लिए समान अवसर नहीं हैं। भाजपा के पास बेतहाशा धन है जिसका इस्तेमाल एयरटाइम, प्रिंट व सोशल मीडिया में जगह खरीदने पर और बिल बोर्ड तथा यहां तक कि मोबाइल मार्केटिंग के मामले में किया जाएगा। इन मामलों में हम बहुत पीछे हैं।"

भाजपा ने बीते नवंबर में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापनों की बाढ़ ला दी थी, साथ ही पार्टी टीवी पर भी विज्ञापन देने में अव्वल रही थी।

झा ने कहा, "भाजपा की राजनैतिक हताशा अब खुलकर सामने आ चुकी है। यह विपक्ष को मात देने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। इसकी क्षमता में जो कुछ भी संभव है, वह करेगी। मैदान, ऑडिटोरियम, वाहन, होटल, मोटल की बुकिंग इस बेचैनी भरे प्रयास का हिस्सा होगी। साथ ही वे चुनाव और प्रचार से जुड़ी सामग्री के विक्रेताओं को खरीदने तक की हद तक जा सकते हैं।"

एक अन्य कांग्रेस नेता ने कहा कि 'विज्ञापनों के मामले में उनकी पार्टी भाजपा के 'आस-पास' भी नहीं है। प्रसार भारती नाम भर के लिए स्वायत्त संस्था है। बड़ी संख्या में मीडिया घराने मोदी के मित्रों के ही हैं या इनके नियंत्रण में हैं। टीवी पर जगह पाना मुश्किल हो गया है और शायद अवहनीय भी।'

साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से भाजपा को मिलने वाली आर्थिक मदद बहुत अधिक बढ़ी है। भाजपा की वार्षिक आय सभी पार्टियों में सर्वाधिक है। भाजपा ने साल 2017-18 में कुल 1,027 करोड़ की आय की घोषणा की थी। इसमें से उसने साल में 750 करोड़ खर्च किए थे।

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म के आंकड़े के मुताबिक, भाजपा ने बीस हजार रुपये से अधिक के चंदे में से 93 फीसदी हिस्सा हासिल किया। यह 437.04 करोड़ था जो कि अन्य छह राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के चंदे की तुलना में बारह फीसदी अधिक है।

इसी तरह 2017-18 में पार्टी ने अज्ञात स्रोतों से 553 करोड़ रुपये हासिल किए जोकि अन्य राष्ट्रीय दलों की तुलना में चार गुना अधिक है।

कांग्रेस की 2017-18 की आय और उसके व्यय का पता नहीं चल सका है क्योंकि पार्टी अंतिम तिथि निकलने के बावजूद चुनाव आयोग को अपनी ऑडिट रिपोर्ट नहीं सौंप सकी।

आनंद शर्मा ने कहा कि भाजपा अकूत धन के अलावा सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल भी करेगी।

उन्होंने कहा, "एक प्रधानमंत्री के रूप में, मोदी ने चुनाव अभियान में सार्वजनिक धन को बर्बाद करने का रिकार्ड बनाया है। कायदे-कानून के उलट मोदी और उनके मंत्री हमेशा सरकारी मंचों का इस्तेमास भाजपा के प्रचार और कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए करते हैं।"

ऐसा लगता है कि भाजपा ने प्रचार संसाधनों पर काफी हद तक कब्जा कर लिया है क्योंकि कांग्रेस का कहना है कि उसे रैलियों-सभाओं के लिए मैदानों व प्रेक्षागृहों को बुक कराने और नेताओं के लिए हेलीकॉप्टरों को बुक कराने में दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।

--आईएएनएस