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डॉ. मनमोहन सिंह
डॉ. मनमोहन सिंह |IANS
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“मोदी ने वर्ष 2014 चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए थे, जो अब खोखले साबित हो रहे हैं, कहां हैं 2 करोड़ नौकरियां” - डॉ. मनमोहन सिंह 

नोटबंदी आतंकवाद और नक्सलवाद को बंद करने और कमर तोड़ने के लिए की गई थी, लेकिन इससे देश की अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई।

AKANKSHA MISHRA

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इंदौर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने बुधवार को यहां कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव 2019 में देश की जनता उन्हें जवाब देगी। डॉ. सिंह ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार के वित्त मंत्रालय के बीच काफी नाजुक रिश्ते होते हैं। दोनों को मिलकर काम करना होगा। दोनों की अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं, लिहाजा दोनों की पहचान के साथ सद्भावना बने रहना भी आवश्यक है।"

डॉ. सिंह से जब पूछा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक क्षेत्र में नोटबंदी और जीएसटी के दो बड़े फैसले लिए हैं और मोदी हर सभा में कांग्रेस सरकार और आपके निर्णयों को चुनौती देते हैं, तो उन्होंने कहा कि वह मोदी जी की चुनौती का संवाददाता सम्मेलन में जवाब नहीं देंगे, बल्कि देश की जनता वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में उन्हें इसका जवाब देगी।

कांग्रेस के कम होते जनाधार के सवाल पर मनमोहन ने कहा, "कांग्रेस यह महसूस कर रही है और समस्याओं का सामना भी कर रही है, क्योंकि वर्ष 2014 के चुनाव के समय यह भ्रम फैलाया गया कि संप्रग सरकार के काल में कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ।"

उन्होंने कहा, "मोदी ने वर्ष 2014 चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए थे, जो अब खोखले साबित हो रहे हैं। दूसरी तरफ मोदी सरकार ने उन्हीं योजनाओं को आगे बढ़ाया, जिन्हें संप्रग ने शुरू किया था। बस उनमें कुछ लीपा-पोती जरूर की है।"


इंदौर में डॉक्टर सिंह ने कहा कि किसान, व्यापारी और छोटे व मझौले कारोबारी सबसे ज्यादा परेशान हैं। नोटबंदी और GST ने व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी है।नोटबंदी आतंकवाद और नक्सलवाद को बंद करने और कमर तोड़ने के लिए की गई थी, लेकिन इससे देश की अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई। नोटबंदी की वजह से बड़े स्तर पर काले धन को सफेद किया। मोदी सरकार ने वादा किया था कि वह स्विस बैंक से काला धन लाएंगे और सभी भारतीय के खातों में 15 लाख रुपये देंगे। 2014 में कहा गया था कि वह हर साल 2 करोड़ नौकरी देंगे। न 15 लाख मिले और न नौकरी ये सभी वादे आज तक अधूरे हैं। मोदी सरकार ने सभी से झूठ बोला और ठगा है। लेबर ब्यूरो सर्वे तक को बंद कर दिया गया है।

देश में नौकरी कितनी बड़ी समस्या है कि इसे बस ऐसे समझा जा सकता है कि मध्यप्रदेश में पीएचडी और एमए किए लोग पियून की नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं। फिर भी 15 वर्षों से राज्य कर रही सरकार दवा करती है की हमने विकास किया हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सरकार ने कुछ भी नहीं किया। इस वजह से आत्महत्या के मामले भी बढ़े हैं।