उदय बुलेटिन
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निर्वाचन आयुक्त, डॉ नसीम जैदी, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ. पी. रावत और ए के जोटी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए 
निर्वाचन आयुक्त, डॉ नसीम जैदी, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ. पी. रावत और ए के जोटी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए |IANS
इलेक्शन बुलेटिन

भारतीय निर्वाचन आयोग की निगरानी में होगा मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 

निर्वाचन आयोग करेगा मध्य प्रदेश के 18 जिलों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। 

AKANKSHA MISHRA

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भोपाल | मध्य प्रदेश में इसी माह होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ. पी. रावत सहित अन्य अधिकारियों का दल आज से राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आ रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी.एल. कान्ता राव ने बताया कि आयोग द्वारा आज दोपहर दो बजे से इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुर संभाग के 18 जिलों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहेंगे।

निर्वाचन आयोग के अधिकारी इंदौर से रवाना होकर शाम को भोपाल पहुंचकर शाम 7.30 बजे होटल जहांनुमा पैलेस में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेंगे। दरअसल मध्य प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक कूल 15000 से ज्यादा बार आचार संहिता का उलंधन किया गया है।

कांता राव के अनुसार, आयोग का दल बुधवार को सुबह 9.30 बजे से मिंटो हॉल भोपाल में ग्वालियर, चंबल, भोपाल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 33 जिलों में हो रही चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेगा।

मिन्टो हॉल में शाम 4.00 बजे से 4.30 बजे तक चुनाव व्यय से संबंधित नोडल अधिकारियों तथा शाम 4.30 बजे से प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ आयोग की बैठक होगी।

भारतीय निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ.पी. रावत के अलावा इस दल में निर्वाचन आयोग के आयुक्त सुनील अरोरा और अशोक लवासा, निर्वाचन आयोग के उपायुक्त संदीप सक्सेना, सुदीप जैन, चंद्रभूषण कुमार और डायरेक्टर जनरल दिलीप शर्मा तथा धीरेन्द्र ओझा भी रहेंगे।

आपो बता दें कि, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 28 नवंबर होंगे और मतगणना 11 दिसंबर को होगी। चुनाव के मद्देनज़र नेताओं की बयान बाजी अपने चरम है , आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। सभी राजनीतिक दल खुद को श्रेष्ठ बताने में जुटे हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां अपने बागी नेताओं कोमना रही है।