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मध्यप्रदेश में जुबानी जंग, नेताओं में चले आरोपों के तीर 

साधु-संत भी मध्यप्रदेश की राजनीति में आमने सामने 

Ashutosh

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भोपाल, 27 अक्टूबर | मध्यप्रदेश पर धीरे-धीरे सियासी रंग चढ़ने लगा है, हर तरफ चुनाव को लेकर खींचतान मची है। आलम यह है कि साधु-संत तक आमने सामने आ गए हैं और नेताओं के आरोपों के तीर जोरों से चलने लगे हैं। राजधानी के एक होटल में शनिवार को निजी समाचार चैनल 'इंडिया टीवी' के चुनाव मंच कार्यक्रम में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर हमले बोले। किसी ने दिग्विजय काल की याद दिलाकर हमले बोले तो किसी के हाथ नर्मदा नदी, व्यापमं, डंपर घोटाला रहा। इसके अलावा बाबा भी आपस में भिड़ने में पीछे नहीं रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत बाबाओं के जमावड़े से हुई। इस मौके पर राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके कंप्यूटर बाबा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर जमकर हमले बोले। उनका आरोप था कि शिवराज के संरक्षण में नर्मदा में अवैध खनन चल रहा है, तो दूसरी ओर गौ संवर्धन बोर्ड के प्रमुख स्वामी अखिलेश्वरानंद ने शिवराज का बचाव करते हुए कहा कि नर्मदा के संरक्षण और गौ संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री ने बहुत काम किया है। इस बहस में शामिल स्वामी नेमिनानंद ने संतों से आग्रह किया कि वे राजनेताओं जैसे न भिड़ें, क्योंकि संत को मर्यादा में रहना चाहिए।

'आपकी अदालत' में रजत शर्मा के राहुल गांधी द्वारा शिवराज को 'घोषणा मशीन' कहे जाने के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा, "राहुल गांधी स्वयं फन मशीन हैं। जहां तक मेरी घोषणाओं का सवाल है, घोषणाएं वही व्यक्ति कर सकता है जिसके अंदर विकास की तड़प हो, जिसमें जुनून-जज्बा हो।"

शिवराज ने आगे कहा कि उन्होंने नर्मदा नदी का पानी क्षिप्रा नदी में लाने का अभियान शुय किया तो दिग्विजय सिंह ने उसे असंभव कहा था, मगर मेरे लिए असंभव षब्द नहीं है, यही कारण है कि नर्मदा का पानी अन्य नदियों में भी छोड़ा जा रहा है। राज्य में सड़कों का जाल बिछ गया है, सिंचाई का रकबा बढ़ गया है।

कांग्रेस के शासनकाल का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि जब उन्हें सत्ता मिली थी, तब लोगों को दो से तीन घंटे बिजली मिलती थी, सड़कें गड्ढों में बदल गई थी, आज हालात बदल गए हैं।

इससे पहले भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा और कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। पात्रा ने राहुल का गोत्र पूछ डाला तो प्रियंका ने राफेल का मसला उठाया।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव और भाजपा के उपाध्यक्ष प्रभात झा ने एक दूसरे की सरकारों की कमियां गिनाई। तो वहीं प्रदेश की मंत्री अर्चना चिटनीस और कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा के बीच महिला सुरक्षा पर जिरह छिड़ी। राज्य के वित्तमंत्री जयंत मलैया और कांग्रेस सांसद रंजिता रंजन के बीच कई अहम मुद्दों पर तकरार हुई।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने फिर भाजपा की सरकार बनने का दावा किया। उनका कहना था कि शिवराज सरकार ने राज्य में हर वर्ग के लिए काम किया है, इसलिए फिर भाजपा की सरकार बनना तय है।

--आईएएनएस