उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
इंडिया क्रिकेट टीम पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी
इंडिया क्रिकेट टीम पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी |Twitter
क्रिकेट

‘बलिदान ग्लव्स’ पर बवाल: धोनी के समर्थन में खड़ी सोशल मीडिया

धोनी भी अड़े-समर्थक भी डटे 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

इंडिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के ‘बलिदान ग्लव्स’ को लेकर हिंदुस्तान से पाकिस्तान तक चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है। बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच खेलते हुए धोनी को पहली बार 'बलिदान ग्लव्स’ के साथ विकेटकीपिंग करते हुए देखा गया था। जिसके बाद से ही इसपर चर्चा शुरू हो गई। ICC ने BCCI से कहा कि धोनी को अपने 'ग्लव्स' से इस निशान को हटाना होगा। लेकिन जब धोनी से BCCI ने इस बारे में बात कि तो उन्होंने ग्लव्स से ‘बलिदान' निशान हटाने से साफ़ मना कर दिया।

जिसके बाद BCCI भी धोनी के पक्ष में आ गई। BCCI ने कहा “हां, हमें धोनी के चिह्न् को लेकर जारी विवाद के बारे में पता है, लेकिन इससे किसी प्रकार की राजनीतिक या धार्मिक संवेदनाएं नहीं जुड़ी हुई है और हमने ICC से मांग की है कि धोनी को चिह्न् वाले दस्ताने पहनने की आज्ञा दी जाए।”

BCCI

वहीं इंडियन आर्मी धोनी के ‘बलिदान ग्लव्स' को असली नहीं मानती है। इंडियन आर्मी के मुताबिक स्पेशल फोर्सेज का प्रतीक चिह्न ‘बलिदान' मरून रंग में होता है और इसमें हिंदी में ‘बलिदान' लिखा होता है। और यह हमेशा सीने में पहना जाता है। धोनी ने हरे रंग का ‘बलिदान' निशान पहना है वो भी दस्ताने में।

इस मामले को बढ़ते देख खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा वैसे तो हम खेल निकायों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती है, वे स्वायत्त हैं। लेकिन जब मुद्दा देश की भावनाओं से जुड़ा होता है, हमें राष्ट्र के हित को ध्यान में रख कर फैसला लेना होता है। मैं BCCI से अनुरोध करता हूं की वो इस मामले को ICC के सामने अच्छे से पेश करें।

धोनी को BCCI के द्वारा समर्थन मिलने के बाद ICC के एक अधिकारी ने कहा कि परिषद को अगर BCCI यह समझाने में सफल हो पाता है कि ‘बलिदान ब्रिगेड के चिह्न्’ से किसी प्रकार की राजनीतिक या धार्मिक संवेदनाएं नहीं जुड़ी हुई है तो बोर्ड के अपील पर विचार किया जा सकता है। 

ICC

धोनी ने क्यों पहना 'बलिदान ब्रिगेड' का चिह्न्

धोनी के दस्तानों पर 'बलिदान ब्रिगेड' का चिह्न् है। सिर्फ पैरामिलिट्री कमांडो को ही यह चिह्न् धारण करने का अधिकार है। धोनी को 2011 में पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधी मिली थी। धोनी ने 2015 में पैरा ब्रिगेड की ट्रेनिंग भी ली है। ICC के नियम के मुताबिक, "आईसीसी के कपड़ों या अन्य चीजों पर अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान राजनीति, धर्म या नस्लभेदी जैसी चीजों का संदेश नहीं होना चाहिए।"

धोनी के इस फैसले पर सोशल मीडिया पर धोनी की काफी तारीफ हो रही है, लेकिन ICC की सोच और नियम अलग हैं। धोनी के फैंस मांग कर रहे हैं जब पाकिस्तान टीम को ICC मैदान में नमाज पढ़ने की इजाजत दे सकता है तो धोनी को क्यों नहीं।

धोनी के एक फैन ने लिखा -पाकिस्तान टीम गर्व से मुसलमान है। तो, धोनी को गर्व से भारतीय होना चाहिए।