उदय बुलेटिन
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 क्रिकेट वर्ल्ड कप
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World Cup 2019: क्रिकेट वर्ल्ड कप के वो पांच ऐतिहासिक क्षण, जिन्हें कभी नहीं भूला जा सकता  

इस बार वर्ल्ड लेकर आएगी टीम इंडिया। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

वर्ल्ड कप शुरू हो चुका है। टीम इंडिया ने आज न्यूजीलैंड के साथ अपना दूसरा वार्मअप मैच भी खेला। यह मैच भी वर्ल्ड कप के बाकी मैचों की तरह रोमांचक था। वैसे तो क्रिकेट वर्ल्ड कप के पिछले 44 सालों के इतिहास में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। लेकिन क्रिकेट के इतिहास में कुछ मुकाबले ऐसे भी हुए हैं जो हमेसा के लिए यादगार बन गए हैं। आज हम उन्हीं यादगार मैचों का जिक्र करने जा रहे हैं। जिन्हें क्रिकेट फैन किसी कहानी की तरह याद किये बैठे हैं। आइए जानते हैं -

1975 का वर्ल्ड कप 
1975 का वर्ल्ड कप 
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1975 का वर्ल्ड कप जब गिलमौर के 28 रन ने आस्ट्रेलिया को फाइनल में पहुंचाया था

1975 का वर्ल्ड कप टूर्नामेंट इंग्लैंड में खेला जा रहा है। उस समय इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप की प्रबल दावेदार दो टीमें थी। इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया सेमीफाइनल मुकाबला खेल रहे थी। इस मैच में आस्ट्रेलिया के स्विंग गेंदबाजी गैरी गिलमौर ने इंग्लैंड के छक्के छुड़ा दिए थे। 23 साल के इस गेंदबाज ने 14 रन देकर 6 विकेट अपने नाम कर लिया था और इंग्लैंड की टीम महज 93 रन पर सिमट गई थी।

इस मैच में गैरी गिलमौर ने ना सिर्फ शानदार गेंदबाजी की थी बल्कि उनकी बल्लेबाजी भी शानदार थी। गिलमौर जब इंग्लैंड के खिलाफ बल्लेबाजी के लिए उतरे तो उन्होंने शानदार पारी खेलते हुए नाबाद 28 रन बनाए। उनकी भागीदारी से आस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंच गया था।

1983 का विश्व कप
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1983 का विश्व कप : जब कपिल देव ने भारत को पहला वर्ल्ड कप दिलाया था

1983 के वर्ल्ड कप मैच का सबसे अद्भुद क्षण जब तत्कालीन इंडियन क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलते हुए 266 रन की शतकीय पारी खेली थी। इस मैच के एक हफ्ते बाद ही भारत विश्व चैम्पियन बन गया था। हालांकि इस शानदार मैच का प्रसारण टीवी पर नहीं किया गया था।

1999 का वर्ल्ड कप 
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1999 का वर्ल्ड कप : जब आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका दोनों ही टीमों ने फाइनल में जीत हासिल की थी

यह मैच वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे यादगार मैच रहा है। इस सेमीफाइनल मुकाबले में आस्ट्रेलिया की टीम ने 213 रन बनाए थे। लक्ष का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम काफी उतर-चढ़ाव भरा मैच खेलते हुए आगे बढ़ी। मैच के आखिरी क्षण में दक्षिण अफ्रीका की टीम ने बल्लेबाजी करते हुए लांस क्लूजनर ने गेंद मिड-आफ की ओर भेजा और एक रन के लिये भागे। नान-स्ट्राइकर छोर पर खड़े एलेन डोनल्ड ने उनकी आवाज नहीं सुनी और अपना बल्ला गिरा दिया।

जिसके बाद मार्क वॉ ने गेंद लेकर इसे गेंदबाज डेमियन फ्लेमिंग की ओर फेंक दिया। फ्लेमिंग ने तुंरत ही इसे विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट की ओर फेंक दिया जिन्होंने रन आउट कर दिया। जिसके बाद यह मैच टाई रहा ।

2011 का वर्ल्ड कप : आयरलैंड ने पस्त किया इंग्लैंड का सपना

वर्ल्ड कप में नई-नई शामिल हुई आयरलैंड की टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए काफी अच्छा प्रदर्शन किया और 327 रन का विशाल लक्ष इंग्लैंड को दिया। वर्ल्ड कप में किसी भी टीम ने इससे पहले कभी इतना विशाल स्कोर नहीं बनाया था।

इंग्लैंड भी आयरलैंड के दिए इस लक्ष को पूरा नहीं कर सकी।

2015 का विश्व कप : जब दक्षिण अफ्रीका का सपना टुटा

दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच हुए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज फाफ डु प्लेसिस और एबी डिविलियर्स ने शानदार पारी खेलते हुए 281 रन बनाए। फिर बारिश हो गई और मैच को 43-43 ओवर का कर दिया गया।

जिसके बाद लक्ष का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने जिंदगी की बेहतरीन पारी खेली। न्यूजीलैंड को जीत के लिये पांच रन की दरकार थी और उसकी दो गेंद बची थी जब इलियट ने तेज गेंदबाज डेल स्टेन की गेंद पर मिड-आन पर शानदार छक्का जड़कर टीम को जीत दिलायी। इस मैच के बाद न्यूजीलैंड की टीम पहली बार विश्व कप के फाइनल में पहुंची।